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बरगढ़ शहर के विकास में अतिक्रमण एक बहुत बड़ी बाधा:सालभर पहले कब्जा हटाने नोटिस देकर भूल गई नपा

बरगढ़9 दिन पहले
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बरगढ़ शहर के विकास में अतिक्रमण एक बहुत बड़ी बाधा है। शहर में कोई भी विकास कार्य अतिक्रमण की वजह से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इसी वजह से ड्रेनेज निर्माण का काम भी आगे नहीं बढ़ पा रहा है। ड्रेनेज के ऊपर कई जगहों पर घर बनाए जाने की वजह से मुख्य ड्रेनेज में पानी जमा हो रहा है।

ड्रेनेज व्यवस्था नहीं होने से शहर में बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित होती है। नगरपालिका प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए प्रचार तो किया जा रहा है, लेकिन अतिक्रमणकारियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। पिछले साल दिसंबर के महीने में गैरकानूनी निर्माण कार्य को हटाने के लिए प्रशासन की ओर से कमर कस ली गई थी। 33 संस्थानों की सूची तैयार कर उन्हें नोटिस भी भेजा गया था और सप्ताह भर के भीतर जगह से हटने की मोहलत दी थी, लेकिन इस मोहलत के खत्म होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

अतिक्रमण करने वालों के हौसले बुलंद
नोटिस देने के बाद भी कार्यवाही नहीं किए जाने से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। कब्जा छोड़ना तो दूर अब रास्तों पर भी कब्जे हो रहे हैं। नगरपालिका की पहली सूची में वार्ड क्र. 16 के 12, वार्ड क्र. 11 के 6, वार्ड क्र. 1 के 5, वार्ड क्र. 18 के 4, वार्ड क्र. 9 के 3, वार्ड क्र. 14 के 2, वार्ड क्र. 10 के एक संस्थान द्वारा अतिक्रमण करने की बात सामने आई थी। इसमें 8 बैंक, 4 होटल, 2 पेट्रोल पंप, 15 बडे-बडे व्यवसायिक प्रतिष्ठान व 3 निजी नर्सिंग होम भी शामिल था, लेकिन कुछ कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं दूसरे चरण में शहर की गलियो को अतिक्रमण मुक्त करने की बात कही गई थी। शहर के अंचलो में रास्तों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। लोगों के घरों में नाली का पानी घुस रहा है। अतिक्रमण की वजह से रास्ते संकुचित हो चुके हैं और गाड़ियां भी इन रास्तो से बमुश्किल ही गुजर पाती हैं।

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