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स्वयंसेवी संस्था ने विधि-विधान से किया अंतिम संस्कार:नूआखाई के कारण मां के अंतिम संस्कार के लिए नहीं आया बेटा, घर में 15 घंटे पड़ा रहा शव

बरगढ़4 दिन पहले
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नूआखाई मनाते समय अपनी मां के मृत शव का अंतिम संस्कार करने से पुत्र ने मना कर दिया। यहां तक कि पड़ोसी व रिश्तेदार भी महिला के अंतिम संस्कार के लिए आगे नहीं आए। परंपरा के नाम पर लोग मानवीयता तक भूल गए। लगभग 15 घंटे तक महिला का मृत शव घर पर पड़ा रहा।

इसकी सूचना मिलने पर स्वयंसेवी संस्था संकल्प परिवार ने वहां पहुंचकर महिला का अंतिम संस्कार जीरा नदी के किनारे स्थित मुक्तिधाम में किया। मिली जानकारी के अनुसार बरगढ़ शहर के पुराने बस स्टैंड के पीछे एक झोपड़ी में मली मिर्धा पिछले कुछ समय से बीमार थी और बेड पर ही थी। उनकी मृत्यु शुक्रवार की रात में हो गई। मौत की खबर पाकर उसके पति मुकुंद मिर्धा व बेटी संजू मिर्धा शव के पास ही बैठे रहे। वहीं अन्य स्थान पर रहने वाले उसके पुत्र को भी इसकी खबर दी गई, लेकिन उसने नूआखाई त्योहार होने की वजह से नहीं आ पाने की बात कहकर पल्ला झाड़ दिया। यहां तक कि अन्य रिश्तेदार भी अंतिम संस्कार के लिए सामने नहीं आए और महिला का शव 15 घंटे तक उसके घर पर ही पड़ा रहा।

संकल्प परिवार ने विधि-विधान से किया अंतिम संस्कार : अंचल के लोगों से इस खबर को सुनकर संकल्प परिवार के सदस्य शनिवार को सुबह 9 बजे उनके घर पहुंचे और संकल्प रथ के माध्यम से शव को जीरा नदी स्थित मुक्तिधाम लाकर विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया। इस दौरान संकल्प परिवार के विकास अग्रवाल, जी. रमेश, निधान दंता, संतोष दंता के साथ अन्य स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।

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