कोरोना काल में खतरे में मासूम:मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग भूले, स्कूली बच्चे मिल रहे पॉजिटिव, शिक्षा विभाग को पता ही नहीं

कांकेर/जगदलपुर/महासमुंद/धमतरीएक महीने पहले
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कांकेर। पंखाजूर के पीवी 116 के शासकीय स्कूल में बिना मास्क और बिना सोशल डिस्टेंसिंग के पहुंच रहे छात्र। - Dainik Bhaskar
कांकेर। पंखाजूर के पीवी 116 के शासकीय स्कूल में बिना मास्क और बिना सोशल डिस्टेंसिंग के पहुंच रहे छात्र।

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के थमने के बाद नए शिक्षा सत्र 2021-22 में स्कूलों में ऑफलाइन पढ़ाई शुरू कर दी गई है। राज्य सरकार की ओर से पूरी क्षमता के साथ बच्चों को बुलाने के आदेश के बाद सभी स्कूलों में लगातार पढ़ाई जारी है। इधर कांकेर जिले में स्कूल खुलने के बाद 1 नवंबर से लेकर अभी तक की स्थिति में 3 छात्र कोरोना संक्रमित मिले हैं। इनमें से एक भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम मुल्ला की छात्रा है। जो कि इन दिनों स्कूल भी जा रही थी।

स्कूल में ही स्क्रीनिंग के दौरान छात्रा की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जिसके बाद छात्रा ने स्कूल आना बंद किया। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने 2 दिनों के लिए स्कूल बंद कर दिया। इसके अलावा कांकेर शहर के एक कांवेंट स्कूल के दो छात्र (भाई) भी कोरोना संक्रमित पाए गए। ये दोनों छात्र ऑनलाइन ही पढ़ाई कर रहे थे क्योंकि स्कूल प्रबंधन वर्तमान में दोनों मोड ऑफलाइन और ऑनलाइन कक्षाएं संचालित कर रहा है।

भास्कर ने स्कूलों में कोरोना संक्रमण को लेकर जब शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और स्कूल प्रबंधनों से चर्चा की तो इन सभी के बीच सामंजस्य का अभाव दिखा। जिला शिक्षा अधिकारी रामप्रसाद मिरे का कहना था स्कूलों में ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होने के बाद एक भी छात्र जिले में कोरोना संक्रमित नहीं मिला है।

स्कूल प्रबंधन शिक्षा विभाग को छात्रों के संक्रमित होने की जानकारी नहीं दे रहे: इसका मतलब है कि न तो स्वास्थ्य विभाग और न ही स्कूल प्रबंधन शिक्षा विभाग को छात्रों के कोरोना संक्रमित मिलने की जानकारी दे रहे हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और स्कूल प्रबंधनों के बीच सामंजस्य का अभाव और स्कूल में छात्रों के संक्रमित मिलने के बाद आवश्यक एहतियात नहीं बरतना कभी भी खतरनाक रूप ले सकता है।

धमतरी में अब तक 9 बच्चे हो चुके संक्रमित
अगस्त में स्कूलों में ऑफलाइन पढ़ाई शुरू हुई है। इसके बाद 9 बच्चे संक्रमित हुए हैं। जिले में पहली से लेकर 12वीं तक छात्र-छात्राओं की दर्ज संख्या 1 लाख 65 हजार 935 हैं। इनमें से करीब 1.25 लाख बच्चे रोजाना स्कूल जाते हैं। 4 दिसंबर को रायपुर में पढ़ने वाला 7 साल का छात्र धमतरी में अपने घर पॉजीटिव मिला है। इससे पहले धमतरी में ही 2 दिसंबर को गुरुकुल विद्यासागर स्कूल का 5 साल का छात्र भी संक्रमित मिला है। गुरूकुल विद्यासागर स्कूल को 5 दिन के लिए बंद किया गया है।

महासमुंद दो महीने में 11 स्कूली बच्चे हो चुके पॉजीटिव
दो महीने में जिले के 5 स्कूलों में 11 स्कूली छात्र-छात्राएं कोरोना से संक्रमित हुए हैं। इसे देखते हुए इन स्कूलों को 7-7 दिन के लिए बंद किया गया था। आखिरी बार नवंबर महीने में कस्तूरबा आवासीय विद्यालय बागबाहरा की 3 बच्चियां संक्रमित पाई गई थी। इसी तरह पूर्व में बकमा हाई स्कूल से 5, बोकरामुड़ा हाई स्कूल से 1, सुखरीडबरी स्कूल में 1 और भीखापाली के आश्रित ग्राम तिलकपुर स्कूल से 1 छात्र संक्रमित मिला था।

जगदलपुर: सुकमा में 4 व कोंडागांव में 6 बच्चे मिले थे संक्रमित बस्तर
स्कूलों में ऑफलाइन पढ़ाई जारी है। संभाग में 6 लाख से ज्यादा स्कूली बच्चे हैं। स्कूल खुलने के बाद से बस्तर जिले में बच्चों के संक्रमित होने का एक भी केस नहीं मिला है। साथ ही बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर में भी एक भी बच्चा संक्रमित नहीं मिला। हालांकि दो महीने पहले कोंडागांव के बोरगांव में 6 बच्चे और चावरा स्कूल में 2 बच्चे संक्रमित मिले थे, लेकिन अब स्थिति सामान्य है। सितंबर में सुकमा के आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल के 4 बच्चे संक्रमित मिले थे। संयुक्त संचालक शिक्षा हेमंत उपाध्याय ने बताया कि संभाग में स्कूल खुलने के बाद बच्चों के संक्रमित होने का एक भी मामला नहीं मिला है।

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