नक्सलियों के मिलिशिया कमांडर का सरेंडर:दंतेवाड़ा पुलिस के घर वापसी अभियान "लोन वर्राटू" के तहत 1 लाख के इनामी नक्सली सहित दो का आत्मसमर्पण, कई वारदातों में शामिल रह चुके हैं दोनों

रायपुर8 महीने पहले
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तस्वीर दंतेवाड़ा की है। इससे पहले ये दोनों नक्सलियों के साथ मिलकर कई हिंसक घटनाओं में शामिल रहे हैं। - Dainik Bhaskar
तस्वीर दंतेवाड़ा की है। इससे पहले ये दोनों नक्सलियों के साथ मिलकर कई हिंसक घटनाओं में शामिल रहे हैं।

दंतेवाड़ा जिले के दो नक्सलियों ने सोमवार को आत्मसमर्पण कर दिया। इसमें से एक डब्बा पंचायत का मिलिशिया कमांडर गंगा राम उर्फ छोटू मुचाकी है। इस पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित था। समर्पण करने वाला दूसरा युवक इसका साथी पांडु मड़काम है।

इन दोनों ने जिले में चलाए जा रहे लोन वर्राटू अभियान के तहत दंतेवाड़ा एसपी डाक्टर अभिषेक पल्लव और कुछ अधिकारियों के सामने सरेंडर किया। दोनों ने पुलिस को बताया कि वे नक्सलियों की खोखली विचारधारा से परेशान हो गए हैं और अब समाज की मुख्य धारा से जुड़कर विकास का कार्य करना चाहते हैं।

ये दोनों कटेकल्याण, तुमकपाल, तेलम, चिकपाल और आसपास के इलाके में हुई कई तोड़फोड़ की घटनाओं में शामिल थे। गंगा राम उर्फ छोटू विस्फोटक लगाने में माहिर माना जाता रहा है और कई घटनाओं में इसने सड़क, पुल-पुलियों में विस्फोटक लगाए हैं। एसपी डाक्टर पल्लव ने कहा कि वे इन आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिलाएंगे जिससे ये समाज में सामान्य जीवन गुजार सकें।

क्या है लोन वर्राटू

लोन वर्राटू का मतलब होता है घर वापस आइए। इस अभियान के तहत दंतेवाड़ा पुलिस अपने जिलों के ऐसे युवाओंं को पुनर्वास करने और समाज की मुख्य धारा में लौटने का संदेश देती है जो नक्सलियों के साथ हो गए हैं। पुलिस की इस योजना के तहत गांवों में उस इलाके के नक्सलियों की सूची लगाई जाती है और उनसे घर वापस लौटने की अपील की जाती है। उन्हें पुनर्वास योजना के तहत कृषि उपकरण, वाहन और आजीविका के दूसरे साधन दिए जाते हैं, जिससे वे नक्सल विचारधारा को छोड़कर जीवन यापन कर सकें। यह अभियान अभी तक इतना सफल हुआ है कि इसके तहत 90 ईनामी सहित 334 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।