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हिन्दी दिवस:भाषण में हिमांशी, कविता में हिमांशु व निबंध में चंद्रप्रकाश ने मारी बाजी, विविध कार्यक्रम हुए, छात्रों को हिन्दी का महत्व समझाया गया

भानुप्रतापपुर4 दिन पहले
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प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागी को किया गया पुरस्कृत। - Dainik Bhaskar
प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागी को किया गया पुरस्कृत।

सरस्वती शिशु मंदिर में हिन्दी दिवस पर भाषण व निबंध, कविता, वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि एसबीआई शाखा प्रबंधक रविंद्र कुमार ने कहा मातृभाषा हिंदी बोलना, लिखना, पढ़ना हमारे लिए गौरव की बात है। इसमें कोई हीन भावना नहीं रखनी चाहिए। दूसरी भाषा सीखना चाहिए, लेकिन हमारी जो हिन्दी है उसका सम्मान हमेशा करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि सरस्वती मंदिर के समिति अध्यक्ष सोमदत्त नायक, समिति के उपाध्यक्ष सुमंत सिन्हा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। भाषण स्पर्धा में प्रथम हिमांशी साहू, दि्वतीय आस्था शुक्ला, कविता पठन में प्रथम अंजू पांडे, दि्वतीय दिव्या ठाकुर, स्वरचित कविता पाठ में प्रथम हिमांशु साहू, दि्वतीय दिव्या ठाकुर, निबंध में प्रथम चंद्रप्रकाश साहू, दि्वतीय मोनिका हुपेंडी रहे। उन्हें पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में प्राचार्य थानुराम सिन्हा, उमेश लाडिया आदि उपस्थित थे। प्राथमिक शाला टेकामपारा में हिन्दी दिवस मनाया गया। शिक्षिका मंजू कोसरिया द्वारा छात्रों को हिंदी भाषा का महत्व बताया गया। कार्यक्रम में शिक्षिका नीलिमा हिरवानी सहित आदि उपस्थित थे।

शासकीय महर्षि वाल्मीकि महाविद्यालय में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ और हिन्दी विभाग द्वारा हिन्दी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कॉलेज प्राचार्य डॉक्टर रश्मि सिंह थीं। उन्होंने कहा हिन्दी भाषा अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। हिन्दी सिर्फ भाषा ही नहीं विश्व में हमारी पहचान है, हमारा सम्मान व स्वाभिमान है। हिन्दी की गिनती विश्व की प्राचीन समृद्ध व सरल भाषा में होती है, इसमें हमारी संस्कृति झलकती है व संस्कार दिखते हैं। उन्होंने कहा हिन्दी भाषा के संवर्धन के लिए जन-जन को सहयोग करना होगा। हमें राष्ट्र ध्वज व राष्ट्र गान की तरह हिंदी भाषा का भी सम्मान करना होगा। हिन्दी विश्व की प्राचीनतम भाषा है।

हिन्दी का समृद्ध व्याकरण, सहज सुबोध शैली, विशाल शब्दकोष और उपलब्ध दुर्लभ साहित्य इसकी जड़ों को मजबूती प्रदान करता है। हिन्दी 130 करोड़ लोगों की भाषा होने से हमारे संबंधों में भी आत्मीयता प्रदान करती है। हिन्दी विभाग के विभागध्यक्ष वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक एसएन डहेरिया ने कहा हिन्दी बहती हुई नदिया की तरह है। हम जो भाषा बोलते हैं, वही भाषा में ही सपने देखते हैं। यानी हम हिन्दी भाषा में ही सपने देखते हैं। हिन्दी भाषा में अपनापन है, वो किसी ओर में नहीं है।

आमाकोट में मनाया गया हिंदी दिवस

अंतागढ़ | आमाकोट स्कूल में शिक्षकों व बच्चों द्वारा हिंदी दिवस मनाया गया। शिक्षक डुमेंद्र साहू ने हिंदी दिवस पर हिंदी कहां से और कैसे बोली जाने वाली भाषा है इसे पर विस्तार से प्रकाश डाला। बच्चों ने भी भाषण के माध्यम से हिंदी को बताने की कोशिश की। शिक्षक भुनेश्वर साहू, पूर्णिमा, धलेंद्र, निर्मला भास्कर, गोपाल दीवान, संजीव मंडल उपस्थित थे।

भाषण, गीत प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

दुर्गूकोंदल | शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय व स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय द्वारा मंगलवार को हिन्दी दिवस मनाया गया। हिन्दी को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

विद्यार्थियों ने हिन्दी में भाषण, गीत की प्रस्तुति दी। प्राचार्य एसडी दास ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। उन्होंने हिन्दी भाषा को सीखने व सम्मान करने प्रेरित किया। संजय वस्त्रकार ने कहा विश्व में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली तीसरी भाषा हिन्दी है। भारत की वैज्ञानिक व समृद्धशाली भाषा होने के बावजूद भी राष्ट्रभाषा का स्थान नहीं मिल पाना विचारणीय है। इस पर हम सभी को विचार करना चाहिए। विद्यार्थियों से हिन्दी से संबंधित सवाल पूछकर प्रेरित किया। नवमी से उज्जवी वस्त्रकार, विद्या कोरचा, अनु कोरेटी, भूमिका कोमरा, सुषमा तोपपा, 11वीं से उषा नरेटी, आशिका नरेटी, 12वीं से निधिका सलाम, सुशीला जाड़े ने कविता व भाषण प्रस्तुत किया। दिलीप सेवता, ऐमन धनेरिया, मनीष गौतम, गजेंद्र टांडिया, सुखसागर कोवाची, संग्राम कल्लो, पुनीत उसेंडी, प्रमिता शाहा, सुधा वर्मा, मोना राय, लता निषाद,सोनाली मलिक उपस्थित थे।

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