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जान जोखिम में डालकर:नाला पार करते हैं ग्रामीण, परवी-भुरका मार्ग पर तीन नाले लेकिन पुलिया किसी में नहीं

भानुप्रतापपुर2 दिन पहले
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नाले में पुलिया नहीं होने से ग्रामीण जोखिम मोल लेकर इस तरह नाला पार करते हैं। - Dainik Bhaskar
नाले में पुलिया नहीं होने से ग्रामीण जोखिम मोल लेकर इस तरह नाला पार करते हैं।

परवी होते हुए खड़का, भुरका जाने वाले मार्ग में तीन नालों पर पुल-पुलिया नहीं से क्षेत्र के लोग बेहद परेशान हैं। इसके चलते पंचायत मुख्यालय परवी आने के लिए भी उन्हें 7 किमी के बजाय 35 किमी का सफर करना पड़ रहा है। क्षेत्र लोग इन नालों पर पुल-पुलिया बनाने की मांग पिछले 20 वर्षों से करते आ रहे हैं, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

ग्रामीण तुलसीराम उइके, राजेश मंडावी ने बताया भुरका, खड़का, जलहुर के लोगों को पंचायत मुख्यालय परवी आने के लिए लोगों को नाला को पार कर आना होता है, लेकिन बारिश के दिनों में नाले बाढ़ की स्थिति निर्मित हो जाने से लोगों को जान जोखिम में डालना पड़ता है। लोगों को बारिश के दिनों में पंचायत मुख्यालय जो महज 7 किमी है, वहां जाने के लिए मजबूरी में 35 किमी का सफर करना पड़ता है। पंचायत मुख्यालय जाने लोगों को भानबेड़ा होते हुए भानुप्रतापपुर, केंवटी पहुंचकर ही पंचायत मुख्यालय परवी पहुंचते हैं। इससे आर्थिक मानसिक रूप से परेशानी के साथ समय की भी बर्बादी होती है। ग्रामीणों ने कहा नाले में पुलिया निर्माण की मांग 20 वर्षों से कर रहे हैं। इसके लिए विधायक, सांसद, मंत्री से लेकर अधिकारियों तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन मांग पूरी नहीं हो पाई।

आश्रम, छात्रावास की मांग भी नहीं हुई पूरी : परवी के पूर्व सरपंच गोकुल नेताम ने बताया क्षेत्र के लगभग 40 स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

बारिश होने पर छात्रों की हो जाती है अघोषित छुट्टी

क्षेत्र के लगभग 40 बच्चों की बारिश के दिनों में अघोषित छुट्टी हो जाती है। मंगहर्रा नाला के उस पार जलहूर, खड़का, भुरका क्षेत्र में केवल प्राथमिक स्तर की विद्यालय संचालित है। माध्यमिक शाला और हाईस्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूल पढ़ने के लिए बच्चों को इन मार्ग से होकर तीनों नाला पार कर आना होता है। इस स्थिति में बारिश के मौसम बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते।

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