BJP-कांग्रेस में मारपीट की सियासत:कांग्रेस नेता बोले-पूर्व मंत्री ने हमारे कार्यकर्ता से मारपीट की, हार के डर से बौखला गए; गागड़ा ने कहा-बेबुनियाद आरोप

जगदलपुर/बीजापुर6 महीने पहले
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पूर्व मंत्री महेश गागड़ा और अजय सिंह ने एक दूसरे पर कई आरोप लगाए हैं। - Dainik Bhaskar
पूर्व मंत्री महेश गागड़ा और अजय सिंह ने एक दूसरे पर कई आरोप लगाए हैं।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर माहौल काफी गरमाया हुआ है। शुक्रवार की देर रात भैरमगढ़ में कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर लात-घूंसे चले हैं। कांग्रेस के युवा आयोग के सदस्य अजय सिंह का आरोप है कि, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की है तो वहीं गागड़ा ने इसे बेबुनियाद आरोप बताया है।

गागड़ा ने कहा कि, एक कांग्रेसी कार्यकर्ता मैं नक्सली कंमाडर हूं कहकर भाजपा प्रत्याशी की पिटाई कर रहा था। उसके साथ कुछ और कार्यकर्ता भी शामिल थे जो पूरी तरह से नशे में चूर थे। गागड़ा के इस बयान पर अजय सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि, पूर्व मंत्री हार की सोच से बौखला गए हैं।

महेश गागड़ा का कहना है कि शुक्रवार की रात भैरमगढ़ के वार्ड नंबर 2 का भाजपा प्रत्याशी देवनाथ समरथ चुनाव प्रचार कर घर लौट रहा था। इस बीच जंगल में कांग्रेसियों के बनाए गए अस्थायी कार्यालय में कुछ कार्यकर्ता बैठे हुए थे। सभी शराब के नशे में चूर थे। उन्होंने देवनाथ को रुकवा कर उसके साथ मारपीट की। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस के साथ हम लोग पहुंच गए। इतने में ही युवा आयोग के सदस्य अजय सिंह भी पहुंचे।

सभी के बीच एक कांग्रेसी खुद को नक्सली कमांडर हूं कह कर धमकी भी दे रहा था। सत्ता के नशे में कांग्रेसी कार्यकर्ता इतने मदहोश हो बैठे हैं कि वे लोग पुलिस जवानों का कॉलर पकड़ने की भी कोशिश कर रहे थे। गागड़ा ने बताया कि सुरक्षा में लगे जवानों का हथियार भी छीनने का प्रयास किया गया था। अजय सिंह ने भी मारपीट की कोशिश की।

कार्यालय में घुस कर गागड़ा ने कार्यकर्ताओं को पीटा-अजय
युवा आयोग के सदस्य अजय सिंह का आरोप है कि, रात करीब 12 बजे महेश गागड़ा वार्ड-2 के कांग्रेस कार्यालय में घुस कर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट किए हैं। जिसकी रिपोर्ट भी हमने पुलिस थाने में दर्ज करवाई है। उन्होंने नक्सल कमांडर के नाम से धमकी देने वाली जो बात कही है वो सरासर झूठी है। गागड़ा जी खुद कानून मंत्री रह चुके हैं, यदि ऐसा कोई मामला है तो उन्होंने क्यों थाना में FIR दर्ज नहीं करवाई? वे भैरमगढ़ नगरीय निकाय चुनाव में करारी हार को भांप चुके हैं। उनमें हार की बौखलाहट देखने को मिल रही। इसलिए मारपीट करने पर उतर आएं हैं। मीडिया में बेतुकी बयानबाजी कर रहे हैं।

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