फेरे से पहले रोका गया बाल विवाह:बीजापुर जिले के गांव में बच्ची को ब्याह रहे थे, प्रशासन ने लौटाई बारात

बीजापुर4 महीने पहले
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बीजापुर जिले में प्रशासन की टीम ने बाल विवाह रुकवा दिया है। - Dainik Bhaskar
बीजापुर जिले में प्रशासन की टीम ने बाल विवाह रुकवा दिया है।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के एक नक्सल प्रभावित गांव पहुंच कर प्रशासन की टीम ने फेरे से पहले बाल विवाह रुकवा दिया है। प्रशासन को जानकारी मिली थी कि गांव में अक्षय तृतीया के मौके पर एक किशोरी का परिवार वाले बाल विवाह करवा रहे हैं। जानकारी मिलते ही महिला एवं बाल विकास की टीम मौके पर पहुंच गई, जिन्होंने शादी रुकवा दी। वहीं घराती और बराती दोनों पक्षों को बाल विवाह न करवाने की समझाइश दी गई है। प्रशासन के दखल के बाद बारात को वापस लौटना पड़ा है।

जानकारी के मुताबिक, भोपालपटनम ब्लॉक के नक्सल प्रभावित अर्जुनपल्ली गांव में शादी की सारी तैयारियां हो चुकी थी। बारात भी दुल्हन के घर पहुंच गई थी। दोनों पक्षों की तरफ से शादी की विभिन्न तरह की रस्म भी अदा की जा रही थी। इस बीच महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने भी गांव में अचानक दबिश दे दी। जिसके बाद दुल्हन के परिवार से दुल्हन का ID कार्ड मांगा गया। जांच पड़ताल के बाद पता चला कि दुल्हन की उम्र 18 साल से कम है। फिर प्रशासन की टीम ने कार्रवाई करते हुए फौरन विवाह रुकवा दिया।

कार्रवाई करते अधिकारी।
कार्रवाई करते अधिकारी।

फिर घराती और बराती दोनों पक्षों को बाल विवाह कानून के बारे में बताया गया। प्रशासनिक अमले ने दुल्हन के परिजनों को समझाइश दी कि किशोरी को बालिग होने दिया जाए। इसकी पढ़ाई करवाई जाए। इधर, अधिकारियों का कहना है कि बाल विवाह को रोकने लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा था। इसी का परिणाम रहा कि कुछ लोगों ने बाल विवाह को कुरीति मानते हुए तत्काल हमें सूचित किया। जिसके बाद बाल विवाह रोका जा सका।

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