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शव पहुंचते ही मां बेसुध:25 दिनों की जंग के बाद कोरोना से हारे दीपक, आखिरी बार भाई की कलाई नहीं सजा पाई छोटी बहन

दंतेवाड़ाएक महीने पहले
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भाई दीपक कर्मा के हाथों में राखी बांधने के लिए तैयार खड़ी रही छोटी बहन आंचल। तमन्ना पूरी नहीं हुई। - Dainik Bhaskar
भाई दीपक कर्मा के हाथों में राखी बांधने के लिए तैयार खड़ी रही छोटी बहन आंचल। तमन्ना पूरी नहीं हुई।

कांग्रेस के दिवंगत नेता महेंद्र कर्मा के बड़े बेटे और कांग्रेस के प्रदेश महासचिव 44 साल के दीपक कर्मा आखिरकार कोरोना की जंग हार गए। गुरुवार की सुबह रायपुर के एक निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया। खबर के बाद जिलेभर में शोक की लहर दौड़ गई। मां विधायक देवती कर्मा सहित पूरे परिवार का रो- रो कर बुरा हाल रहा।

दोपहर करीब 2 बजे दीपक का शव गृहग्राम फरसपाल पहुंचा। पीपीई किट पहन परिजनों ने अंतिम दर्शन किए व उनके शव का अंतिम संस्कार किया गया। बेटे की मौत से बेसुध मां देवती चीख- चीखकर सिर्फ यही कहती रही बेटा दीपक ऐसे छोड़कर क्यों चला गया। दीपक की मौत की खबर के बाद कोरोना के कारण परिजनों ने सभी से अपील की थी कि वे अपने घरों पर सुरक्षित रहें। कोरोना व लॉकडाउन के कारण लोगों की मौजूदगी सीमित ही थी।

पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम, बस्तर सांसद दीपक बैज, नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप, चित्रकोट विधायक राज मन बेंजाम सहित कांग्रेस के अन्य नेता भी फरसपाल पहुंचे। सभी ने दीपक को श्रद्धांजलि दी। बताया जा रहा है दीपक कर्मा बंगाल में चुनाव प्रचार के लिए गए थे। वहां से आने के करीब एक महीने बाद 12 अप्रैल को उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। भाई छविंद्र कर्मा ने बताया कि दंतेवाड़ा, जगदलपुर में इलाज चला। जहां उनकी हालत में सुधार शुरू हो गया था। लेकिन हफ्तेभर पहले ही उन्हें रायपुर रेफर किया गया था।

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