केंद्रीय मंत्री ने कहा-नक्सली खत्म हो रहे हैं:दंतेवाड़ा में संचार राज्य मंत्री देवुसिंह चौहान बोले - हम यहां राजनीति करने नहीं, विकास करने आए हैं

दंतेवाड़ा8 महीने पहले
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केंद्रीय संचार राज्य मंत्री देवुसिंह चौहान मंगलवार को दंतेवाड़ा प्रवास पर रहे। - Dainik Bhaskar
केंद्रीय संचार राज्य मंत्री देवुसिंह चौहान मंगलवार को दंतेवाड़ा प्रवास पर रहे।

केंद्रीय संचार राज्य मंत्री देवुसिंह चौहान मंगलवार को दंतेवाड़ा प्रवास पर रहे। उन्होंने जिले के अधिकारियों की बैठक ली। जिसमें विकास के मुद्दों पर चर्चा की गई। उन्होंने डैनेक्स नवा गारमेंट फैक्ट्री का भी अवलोकन किया। साथ ही चितालंका की देवगुड़ी भी पहुंचे। ग्रामीणों की आस्था का ख्याल रख कर जिस तरह से देवगुड़ी का कायाकल्प किया जा रहा है इसके लिए कलेक्टर दीपक सोनी की तारीफ की। वहीं दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान केंद्रीय संचार राज्य मंत्री से दैनिक भास्कर ने खास बातचीत की। पढ़िए पूरा इंटरव्यू....

सवाल - आज आप आकांक्षी जिला दंतेवाड़ा पहुंचे हैं, यहां प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक ली, किन विषयों पर चर्चा की गई?
जवाब- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 118 जिलों को आकांक्षी जिला बनाया है, उनमें से एक दंतेवाड़ा भी है। आज मैंने यहां आकर बहुत से कामों को देखा। आदिवासियों को रोजगार से जोड़ा गया है। डेवलपमेंट के काम किए जा रहे हैं। किसी भी गांव या शहर के विकास के लिए सबसे जरूरी सड़क होती है जो यहां बन रही है। सड़कें बनेंगी तो फिर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगरा पहुंचेगा। मोबाइल टावर लगाकर कनेक्टिविटी पहुंचाएंगे। जिले का और विकास होगा। इन्हीं विकास के कामों के बारे में चर्चा हुई।

सवाल- वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 4 केंद्रीय मंत्री पहुंचे हैं। क्या सभी ही विकास की बात करने आए हैं या फिर CG में भाजपा की जो हालत है उसे सुधारने के लिए राजनीतिक प्रयास भी हैं।

जवाब - अभी मैं आप लोगों से बात कर रहा हूं। क्या आप को मेरी बातों में कहीं कोई राजनीति लगी? मैं ये कोशिश कर रहा हूं कि यह आकांक्षी जिला है और इसकी समीक्षा की जा रही है। भारत एक लोकतांत्रिक देश है। आप किसी भी कोने में जाइए वहां चुनाव होंगे ही। हम 55 मंत्री हैं। कोई न कोई कहीं न कहीं जा रहा है। मैं सोचता हूं कि इन बातों को हमें इलेक्शन से नहीं जोड़ना चाहिए। मुझे राजनीतिक बयानबाजी नहीं करने। बस जनता की सेवा करें और उनतक सुविधा पहुंचाएं, यह मकसद है।

सवाल- दंतेवाड़ा जिले के जिन 50 से ज्यादा गांवों तक आप नेटवर्क पहुंचाने की बात कह रहे हैं वो बेहद हो संवेदनशील है। नक्सली विकास काम होने नहीं देते। टावर लगाएंगे तो पहली चुनौती नक्सलियों से लड़ने की होगी
जवाब- जिले में तीव्रगति से काम नहीं होने का एक कारण नक्सलवाद भी रहा है। लेकिन हम यह मानते हैं कि पहले और अब कि स्थिति में बहुत परिवर्तन आया है। नक्सलवाद का प्रभाव कम भी हुआ है। नक्सलवाद खत्म होता जा रहा है। कई लोग नक्सली संगठन छोड़कर आए हैं, क्योंकि अब उन्हें रोजगार चाहिए। वे खुद का जीवन स्तर बदलने की सोच रहे हैं। हमारी कोशिश रहेगी कि इस जिले को पूरा जैविक जिले में बदल दें। यहां विकास जरूर होंगे।

सवाल- कवासी लखमा ने कहा था, मोदी जी 2 बार बस्तर आकर गए, लेकिन यहां की जनता को फूटी कौड़ी तक नहीं दिए। इस पर आप क्या कहेंगे?
जवाब- वो जो भी जनप्रतिनिधि हैं, मैं उनका रिस्पेक्ट करूंगा। छत्तीसगढ़ में जब चुनाव था तो कांग्रेस ने 36 वादे किए थे। क्या वे अपने 36 वादे पूरे किए? यह सवाल आप पूछिए उनसे। उनकी बयानबाजी और अपने वादा का हिसाब पूछें। मेरा मानना है कि राजनीतिक बयानबाजी में न उलझकर विकास के कामों में ध्यान देना चाहिए। सरकारों को गरीबों के विकास के बारे में सोचना चाहिए।

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