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नक्सलगढ़ में जवानों की मानवता:दर्द से तड़पती गर्भवती को खाट पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया; नक्सलियों ने सड़कें काटी, एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी

दंतेवाड़ा8 महीने पहले
DRG जवानों ने दर्द से तड़प रही एक गर्भवती महिला को खाट के सहारे अस्पताल पहुंचाया है।

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में DRG जवानों ने मानवता की मिसाल पेश की है। धुर नक्सल प्रभावित इलाके में गश्त पर निकले जवानों ने दर्द से तड़प रही एक गर्भवती महिला को खाट के सहारे अस्पताल पहुंचाया है। बताया जा रहा है कि समय रहते महिला का प्रसव हो गया। महिला ने बेटे को जन्म दिया है। जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। मामला जिले के कुआकोंडा थाना इलाके का है।

जानकारी के मुताबिक, रेवाली गांव के पटेल पारा की रहने वाली गर्भवती महिला कूर्म नंदे (35) दर्द से तड़प रही थी। उसे अस्पताल तक ले जाने के लिए कोई साधन नहीं था। इस नक्सल प्रभावित रेवाली गांव तक पहुंचने वाली कच्ची सड़क को माओवादियों ने कई जगह से काट दिया है। ऐसे में इस गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पा रही थी।

गर्भवती महिला को खाट पर लाया गया।
गर्भवती महिला को खाट पर लाया गया।

इस बीच गांव में दंतेवाड़ा के DRG जवान गश्त करते हुए पहुंचे। उनकी नजर एक घर के बाहर खाट पर लेटी एक गर्भवती महिला पर पड़ी जो दर्द से तड़प रही थी। जवानों ने बिना देर किए खाट को कंधे पर उठाया और कई किलोमीटर तक पैदल चलकर मुख्यमार्ग तक लेकर आए। जहां पुलिस की गश्त वाहन में महिला को बिठाया, जिसके बाद महिला को पालनार के अस्पताल लाया गया।

महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है। जन्म के बाद बच्चे को गोद में लेकर बैठी दादी।
महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है। जन्म के बाद बच्चे को गोद में लेकर बैठी दादी।

डॉक्टरों की मानें तो समय रहते अस्पताल पहुंचने से महिला का सुरक्षित प्रसव हो सका है। महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है। जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। दंतेवाड़ा के SP सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि हमारा उद्देश्य सिर्फ नक्सलियों से लड़ना ही नहीं बल्कि ग्रामीणों की मदद करना भी है। नक्सलियों ने सड़क काट दी है। इसका खामियाजा गांव के लोगों को ही भुगतना पड़ता है। चिकित्सकीय सुविधाओं के लिए ग्रामीणों को परेशानी होती है।

नक्सलियों ने सड़क काटी है।
नक्सलियों ने सड़क काटी है।
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