आरोप-प्रत्यारोप / ग्रामीणों ने फर्जी मुठभेड़ का लगाया आरोप, एसपी ने कहा- नक्सलियों के दबाव में हैं गांव के लोग

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दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

दंतेवाड़ा. तुमनार-बांगापाल के बीच नेलगोडा के जंगल में गुरुवार को पुलिस ने दो इनामी नक्सलियों को मार गिराया। इसके बाद शुक्रवार को दंतेवाड़ा में भारी गहमागहमी रही। घटना के बाद नक्सलियों के परिजन व ग्रामीण ज़िला अस्पताल के मर्च्युरी में रखे शव को लेने पहुंचे। यहां समाज सेविका सोनी सोरी व हिमांशु कुमार भी पहुंचे।
ग्रामीणों का आरोप है कि सभी चावल लेकर डोंगी से नदी पार कर गांव जा रहे थे। इस बीच डीआरजी जवानों ने घेरा, रिशु और माटा के बारे में पूछा, दूर ले गए व गोली मार दी। ग्रामीणों ने बताया कि जवान, ग्रामीण वेशभूषा में ही पहुंचे थे। इधर मारे गए नक्सलियों के परिजनों व ग्रामीणों के दंतेवाड़ा आने की सूचना पर जिला पंचायत अध्यक्ष तूलिका कर्मा, छविंद्र कर्मा भी ज़िला अस्पताल पहुंचे। परिजनों को अपने साथ एसपी ऑफिस लेकर गए। जहां करीब डेढ़ घँटे तक बातचीत चली। इनके सामने परिजनों ने स्वीकारा कि ये दोनों मलेश के लिए काम कर रहे थे। इन सब के बीच हुई बातचीत के बाद परिजन शवों को लेकर गांव चले गए।
एसपी बोले- ग्रामीणों ने स्वीकार लिया है कि वे नक्सली थे
एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ने कहा कि नक्सलियों के दबाव में ग्रामीण यहां पहुंचे हैं व आरोप लगाए हैं। सारे आरोप गलत हैं। परिजनों व ग्रामीणों ने स्वीकारा है कि दोनों ही नक्सली कमांडर मलेश के साथ काम करते थे। डिप्टी कमांडर रिशु नक्सल वर्दी पहन, हथियार लेकर मलेश के साथ घूमता था। सालभर पहले संगठन का काम ज़रूर छोड़ा था, लेकिन महीने भर पहले मलेश उसे अपने साथ ले गया व काम शुरू करवाया। जब डीआरजी की टीम पहुंची तो ये सब मलेश के साथ ही मौजूद थे व बैठक चल रही थी। जनप्रतिनिधियों के सामने ग्रामीणों ने स्वीकारा भी है कि मुठभेड़ में ही ये दोनों मारे गए हैं। एसपी ने कहा नदी पार का इलाका नक्सलियों का गढ़ है, यहां मुठभेड़ें कम होती हैं, अब नक्सलियों का वर्चस्व कम हो रहा है तो ग्रामीणों को आगे कर रहे हैं।

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