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लापरवाही का अंजाम:एक घंटे की बारिश से खुले में पड़ा 16 करोड़ का धान भीगा

देवभोगएक महीने पहले
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शुक्रवार शाम करीब 5 बजे तेज अंधड़ के साथ हुई अचानक एक घंटे की मूसलाधार बारिश से 9 खरीदी केंद्रों में तीन महीने से खुले में पड़ा 1 लाख क्विंटल में से आधे से ज्यादा (16 करोड़) धान भीग गया। इसके बाद 6 बजे के बाद भी बूंदाबांदी जारी रही। सबसे ज्यादा झाखरपारा, दीवानमुड़ा, निष्टीगुड़ा, खोकसरा, झिरीपानी व रोहनागुड़ा में ज्यादा नुकसान हुआ है। देवभोग को छोड़ शेष 8 केंद्रों में धान खुले में कव्हर कैप के भरोसे ही रखा जाता है लेकिन क्षमता से कई गुना ज्यादा धान संग्रहित वाले केंद्रों में पर्याप्त कैप कव्हर की भी व्यवस्था नहीं थी। अंधड़ के चलते कैप कव्हर भी उड़ गए।

ये धान पिछले खरीफ का बचा है
दो साल पहले तक जिले में 18 से 20 लाख क्विंटल धान खरीदी होती थी लेकिन अब 22 लाख क्विंटल से ज्यादा हो गई है। इस बीच खरीदी बढ़ने पर भी जिले के कुदेलभांटा केंद्र के रखरखाव की क्षमता नहीं बढ़ाई जा सकी। जिले में राइस मिलें भी 34 ही हैं। ऐसे में पिछले खरीफ का धान का उठाव अब तक नहीं हो सका है। संग्रहण केंद्र से देवभोग की दूरी अधिक होने के कारण यहां उठाव को प्राथमिकता नहीं मिली। 31 जनवरी को खरीदी बंद होने के बाद भी 9 केंद्रों में धान जाम है।

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