चुनौती:10 गुना बढ़ी ऑक्सीजन की खपत, प्रशासन ने 300 जंबो सिलेंडर मांगे, मिले सिर्फ 100

धमतरी6 महीने पहले
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जिला अस्पताल के प्लांट में आपात के लिए 11 जंबो सिलेंडर लगाए गए हैं। - Dainik Bhaskar
जिला अस्पताल के प्लांट में आपात के लिए 11 जंबो सिलेंडर लगाए गए हैं।
  • पहले लगते थे 30 सिलेंडर, अब 300 लग रहे, डीएमएफ मद से खरीदे 8 वेंटिलेटर
  • अप्रैल के 28 दिन में 9373 मरीज, 200 मौत, 20 मार्च से लगातार बढ़ रहे केस

जिले में कोरोना के नए मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस वजह से ऑक्सीजन की खपत भी 10 गुना बढ़ गई है। 2 महीने पहले तक जिले में 24 घंटे में 25 से 30 जंबो सिलेंडर ऑक्सीजन की खपत होती थी, अब यह 300 सिलेंडर की हो रही है। मांग ज्यादा होने से कुरूद, नगरी व भखारा में व्यवस्था लड़खड़ा रही है। ऐसे में प्रशासन 300 जंबो सिलेंडर और खरीद रहा है। मुंबई की कंपनी को मांग पत्र भेजा है। गुरुवार को 100 सिलेंडर कंपनी ने भेजे हैं।

जिला अस्पताल में छत्तीसगढ़ मेडिकल कॉर्पोरेशन द्वारा 1.50 करोड़ की लागत से महीनेभर पहले ऑक्सीजन प्लांट लगाया है। यह प्लांट कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों के लिए जिले में संजीवनी साबित हो रहा है। कम से कम अब तक ऑक्सीजन की समस्या जिले में नहीं आई है। अप्रैल के 28 दिन में 9373 कोरोना संक्रमित नए मरीज मिले हैं, जबकि 200 मरीज की जान गई है।

जिले के अस्पतालों में 100 गंभीर मरीज भर्ती हैं

वर्तमान में करीब 100 गंभीर मरीज धमतरी जिला अस्पताल के अलावा आईएलआई सेंटर धमतरी, कुरूद, नगरी अस्पताल में भर्ती है। जिला अस्पताल में लगे ऑक्सीजन प्लांट से आपूर्ति की जा रही है। फरवरी में काेराेना मरीजाें की रिकवरी दर 98 प्रतिशत पर अा गई थी। कोरोना मरीजों का आंकड़ा 100 में केवल 5 था। 24 घंटे में सबसे कम 25 से 30 जंबो सिलेंडर ऑक्सीजन की खपत हो रही थी। 20 मार्च से संक्रमितों की संख्या बढ़ती गई।

अभी 95 बिस्तर तक सीधे दी जा रही ऑक्सीजन

जिला अस्पताल में महीनेभर पहले ऑक्सीजन प्लांट शुरू हुआ। अस्पताल के 95 बिस्तर तक सीधे पाइपलाइन के जरिए ऑक्सीजन पहुंचाया जा रहा है। अस्पताल के अंदर अलग-अलग वार्डों तक ऑक्सीजन पहुंचाने डेढ़ किमी लंबी पाइप लाइन बिछाई गई है। इसे लगाने में करीब 1.50 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। जबकि आईएलआई सेंटर, कुरूद, नगरी, भखारा के सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को जंबो सिलेंडर से ऑक्सीजन दी जा रही है।

प्रति मिनट बन रही 425 लीटर ऑक्सीजन

जिला अस्पताल में लगे प्लांट में प्रति मिनट 425 लीटर ऑक्सीजन बन रही है, जो टैंक में स्टोर हो रही। इसकी क्षमता 3000 लीटर है। यह पूरी तरह से ऑटोमेटिक है। ऑक्सीजन खाली होने के साथ ऑटोमेटिक ऑक्सीजन बनकर सिलेंडर में स्टोर होती है। हर दिन 6.12 लाख लीटर ऑक्सीजन प्लांट से बने रही है।

कुरूद और भखारा में पाइपलाइन का काम पूरा

सीएमएचओ डॉ. डीके तुर्रे ने बताया कि सीएचसी कुरूद में 50 बिस्तर और भखारा में 50 बिस्तर तक सीधे ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए पाइपलाइन का काम पूरा हो गया है। प्रशासन द्वारा खरीदी गई 300 सिलेंडर में से 100 सिलेंडर मिले हैं। डिमांड अनुसार ब्लॉकों में भेजा जाएगा। जल्द ही पाइप लाइन से ऑक्सीजन सप्लाई कर मरीजों के बिस्तर तक पहुंचाया जाएगा।

कंपनी ने जिले को अलॉट किए थे 150 जंबो सिलेंडर

बढ़ती ऑक्सीजन की खपत को ध्यान में रखकर कलेक्टर जेपी मौर्य ने 300 जंबो ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदने मुंबई की उत्पादक संस्था को पत्र भेजा था। 100 जंबो सिलेंडर जिले को मिले हैं। 150 जंबो सिलेंडर उत्पादक कंपनी ने जिले को अलॉट किया थे, बेमेतरा में जरूरत को देखते हुए 50 जंबो सिलेंडर वहां भेजे गए, जबकि 100 सिलेंडर जिले को मिले है।

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