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परेशानी:2 माह बाद छात्रों को मिलीं किताबें, जिला शिक्षा विभाग ने नहीं बांटी, निजी स्कूल रायपुर से लाए

धमतरी8 महीने पहले
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शिक्षा विभाग ने इस साल निजी स्कूलाें को पुस्तक नहीं दी हैं। स्कूलों को स्वयं रायपुर जाकर लाना पड़ीं। अक्टूबर महीने में छात्रों की तिमाही परीक्षा ली जा रही है। हर महीने छात्रों को परीक्षा भी देना है। स्कूलों ने सितंबर महीने की परीक्षा लेकर सब्मिट भी कर दिया। शिक्षा विभाग पुस्तक भी नहीं बांट पाया। निजी स्कूल संघ के पदाधिकारी खुद रायपुर की डिपो में जाकर जिलेभर के सभी 216 निजी स्कूलों की पुस्तकें लाए। दो दिन से बांटना भी शुरू कर दिया है। शिक्षा विभाग से पुस्तकें बांटे जाने के लिए छात्रों काे दो महीने तक पुस्तकाें का इंतजार करना पड़ा। पढ़ाई व परीक्षा दिलाने के लिए छात्रों ने बाजार से पुस्तकें खरीदी या पिछली कक्षा के छात्रों से मांगकर पढ़ाई की। कक्षा 10वीं तक के छात्रों को मिलती है पुस्तक: शासन द्वारा कक्षा 10वीं तक के छात्रों को निशुल्क पुस्तक दी जाती है। हर साल सरकारी स्कूल के साथ ही निजी स्कूलों को पुस्तक दी जा रहीं थी। इस साल सिर्फ सरकारी स्कूलों में पुस्तक बांटी गई। निजी स्कूलों को नहीं दीं। स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू होने से छात्र पुस्तक मांगने पहुंच रहे थे, नहीं मिलने पर निजी विद्यालय संघ ने जिला शिक्षा कार्यालय के पास मानव शृंखला बनाकर प्रदर्शन किया था।

पुस्तक लाकर बांट रहे
निजी विद्यालय संघ के जिलाध्यक्ष सुबोध राठी ने बताया कि पुस्तक नहीं मिलने को लेकर प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद भी नहीं बांटी गई। शासन से निर्देश आया कि कोरोना संक्रमण के कारण पुस्तक जिलावार नहीं बंटेंगी। रायपुर में 8 जिलों को पुस्तक बांटी गई। दो दिन पहले ही पुस्तक लाए। स्कूलों में बांटना भी शुरू कर दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी रजनी नेल्सन ने बताया कि इस साल निजी स्कूलों को जिला शिक्षा विभाग से पुस्तक नहीं बांटने का आदेश आया। सभी स्कूलों को रायपुर से लाने कहा गया। स्कूल पुस्तकें ले भी अाए हैं।

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