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भादाे ने उबारा:बीएसपी और 6 जिलों की लाइफलाइन गंगरेल का जलस्तर 7 दिन में 84 सेमी बढ़ा, अब 58% भराव

धमतरी7 दिन पहले
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कैचमेंट क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। - Dainik Bhaskar
कैचमेंट क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
  • गंगरेल के सहायक बांध मुरुमसिल्ली 69.54%, दुधावा 36.88% और सोंढूर 56.82% भरे

जिले में अल्पवर्षा के कारण गंगरेल सहित 3 सहायक बांध में पानी अब तक कम था। भादों की बारिश से कमी पूरी हाे रही है। कैचमेंट क्षेत्र कांकेर में हफ्तेभर से बारिश हो रही। इस कारण गंगरेल में करीब 2 टीएमसी पानी आया है। इस पानी से बांध का जलस्तर 84 सेमी बढ़ गया है।

रविवार शाम 6 बजे की स्थिति में गंगरेल में 7000 क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी। इससे गंगरेल का जलस्तर हर घंटे 1 सेमी बढ़ रहा था। वर्तमान में जल स्तर 343.94 मीटर है, जबकि 6 दिन पहले 6 सितंबर को 342.10 मीटर था। गंगरेल में एक हफ्ते पहले 51 फीसदी पानी था अब यह 58 फीसदी हो गया है। चारों बांध अब 55.06% भर गए हैं। अब यदि बारिश भी नहीं होती है, तो तीनों सहायक बांधों का पानी गंगरेल में लाकर धमतरी, रायपुर नगर निगम को पीने, बीएसपी के लिए पर्याप्त पानी दिया जा सकता है। मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने 13 सितंबर को बिलासपुर, सरगुजा, दुर्ग और रायपुर संभाग के कुछ जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है।

6 जिले के लिए जीवनदायी है गंगरेल बांध
गंगरेल की क्षमता 32.150 टीएमसी है। अभी बांध में 18.333 टीएमसी पानी है। इसमें 13.262 टीएमसी पानी उपयोगी है। यह गंगरेल बांध धमतरी, रायपुर, भाटापारा, बलौदाबाजार, बालोद और भिलाई-दुर्ग के लिए जीवनदायी है। भिलाई स्टील प्लांट को सालाना 4 टीएमसी, रायपुर को 2.71 टीएमसी व धमतरी को आधा टीएमसी पानी मिलता है।

फागुनदाह पुल, कोपरा रपटे से ऊपर बह रहा पानी
24 घंटे में 13.6 मिमी औसत बारिश हुई। सबसे ज्यादा धमतरी व नगरी तहसील में 1-1 इंच पानी गिरा है। पड़ोसी जिले बालोद में भी खूब बारिश हुई। पुरूर रोड पर फागुनदाह के पास पुल उफान पर चल रहा है। सड़क करीब घंटेभर बंद रही। इसी तरह मगरलोड क्षेत्र के कोपरा स्थित रपटे के ऊपर पानी बहता रहा।

खाड़ी में एक के बाद एक बन रहे सिस्टम

  • निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम खाड़ी और उससे लगे पश्चिम-मध्य खाड़ी के ऊपर स्थित है, इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रवात 7.6 किमी ऊंचाई तक स्थित है।
  • मानसून द्रोणिका निम्न दाब दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, शाजापुर, सिवनी, पेंड्रा रोड, संबलपुर और दक्षिण-पूर्व की ओर 0.9 किमी ऊंचाई तक है। एक द्रोणिका उत्तर-पूर्व में है।
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