आमने-सामने:सोरम में शिफ्ट होंगी शहर की डेयरियां, 1.14 करोड़ स्वीकृत लेकिन अब पंचायत वापस मांग रही जमीन

धमतरीएक वर्ष पहले
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  • 6 साल पहले सोरम में गोकुल नगर बसाने हुआ था जगह का चयन, निगम ने 4 साल पहले खर्च किए 48 लाख

साेरम में गाेकुल नगर बसाने के लिए प्रदेश सरकार ने 1.14 कराेड़ की तकनीकी स्वीकृति दे दी है। अब बजट मिलने के बाद जल्द ही इसका काम शुरू हाे जाएगा। इस पर डेयरियां और पशुपालन कर रहे लोगों को आवंटित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य शहर की डेयरियों को यहां शिफ्ट करना है। साेरम में 10 एकड़ जमीन से पहले से ही आरक्षित है। इस जमीन पर निगम 48 लाख रुपए खर्च भी कर चुका है। करीब 6 साल पहले प्रशासन द्वारा पंचायत से लेकर निगम काे यह जमीन दी गई थी। 
इस जमीन पर अब नया विवाद खड़ा हो गया है। अब पंचायत इसे वापस मांग रही है। पंचायत ने गांव की बढ़ती जनसंख्या के लिए आरक्षित जमीन वापस मांगी है। अफसरों को ज्ञापन भी दिया है। हालांकि ऐसा होना संभव नहीं है। निगम कमिश्नर आशीष टिकरिहा ने कहा है कि एक बार आरक्षित हुई जमीन वापस नहीं हो सकती है। इस पर गोकुल नगर बनाया जाएगा। सरकार से 1 करोड़ 14 लाख रुपए की स्वीकृति मिलने के बाद अब फंड का इंतजार है। 
शहर में डेयरी के कारण यह प्रमुख समस्याएं
गंदगीः शहर में 80 छोटी-बड़ी डेयरी हैं। इनका गोबर नालियों में जा रहा है। डेयरी के अलावा कई लोग पशुपालन भी करते हैं। ये भी मवेशी घर से बाहर छोड़ देते हैं, जो गंदगी फैलाते हैं।
मच्छरः शहर के टिकरापारा, नयापारा, लालबगीचा, जोधापुर, बांसपारा, सुभाषनगर, गोकुलपुर, कोष्टापारा, रिसाईपारा अन्य वार्डों में डेयरी के कारण ज्यादा परेशानी है। गंदगी, बदबू व मच्छर पनप रहे हैं।
यातायातः नेशनल हाईवे सहित अन्य सड़क पर मवेशियों का दिनभर जमावड़ा रहता है। राज्य सरकार ने रोका-छेंका अभियान शुरू किया। आवारा मवेशियों को गोठान में रखने कहा। पर निगम की सुस्ती से हादसों के साथ ट्रैफिक प्रभावित होता है।
सोरम में ही बनेगा गोकुल नगर, सरकार से मांगा 1.14 करोड़ फंड: ईई: निगम के ईई आरके पद्मवार ने कहा कि सोरम में गोकुल नगर बसाने जमीन आवंटित है। इसे विकसित करने सरकार से 1.14 करोड़ फंड मांगा है। तकनीकी स्वीकृति मिल गई है। आवंटित जमीन वापस नहीं की जाएगी।  

जमीन वापस लेने एकजुट
3 जुलाई को जनपद सदस्य अनुपमा साहू, पंच निरूपा साहू, नंदेश्वरी साहू सहित अन्य कलेक्टेट गए थे। इन्होंने गांव की बढ़ती जनसंख्या कारण बताते हुए इस जमीन को आबादी घोषित करने की मांग की। गांव वालों का कहना है कि गांव में 12 एकड़ जमीन पर पौधरोपण हो रहा है। 5 एकड़ जमीन पर सोसायटी है। 5 एकड़ जमीन पर गोदाम है। 4 एकड़ गोठान के लिए दी गई। गांव की सभी जमीन सरकार को दी जाएगी तो ग्रामीणों के लिए कुछ नहीं बचेगा।

जानिए, शहर में ऐसा है डेयरियों का हाल

  • शहर में कुल वार्ड : 40
  • जनसंख्या : लगभग 1.15 लाख
  • शहर में डेयरी : करीब 80
  • डेयरी से प्रभावित : 20 वार्ड
  • सरकार से मांगा फंड :.14 करोड़
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