विवाद / लिपिक वर्ग संघ का आरोप, डीईओ ने की धक्का-मुक्की, देख लेने की धमकी दी

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दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

धमतरी. वरिष्ठ लेखा परीक्षक रमेश कुमार देवांगन को लोक शिक्षण संचालनालय में कार्य करने के लिए कार्यमुक्त करने का आदेश जारी हुआ है। इसकी जांच की मांग करने छग प्रदेश लिपिक वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ जिला शिक्षा अधिकारी के पास गए। यहां जिला शिक्षा अधिकारी और संघ के बीच इस बात को लेकर बहस हो गई। 
संघ के जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा ने कहा कि संघ के लोग दोपहर 1 बजे ज्ञापन देने जिला शिक्षा अधिकारी के पास गए थे। ज्ञापन को पढ़कर वे आग बबूला होते हुए कहा कि इस मांग पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं करूंगा। अभद्र व्यवहार कर धक्का-मुक्की करने लगे, थूकने लगे और देख लेने की धमकी दी। कर्मचारी संघ ने इस संबंध में कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की।
मीटिंग बंद कराने को लेकर हुई बहस
संयोजक व अध्यक्ष राजेंद्र चंद्राकर ने कहा कि 30 जून को संघ ज्ञापन देने गया था। इसके पहले वहां सीख कार्यक्रम व पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम को लेकर मीटिंग चल रही थी। इसी दौरान जिला शिक्षा अधिकारी आए और सभी को भगाओ कहने लगे। यहां लक्ष्मणराव मगर और जिला शिक्षा अधिकारी के साथ भी बहस हुई। इसके बाद संघ वहां ज्ञापन सौंपने पहुंचे। उनसे भी बहस हुई।

गलत तरीके से हुई पदोन्नति: जिलाध्यक्ष
संघ के जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा ने कहा कि रमेश कुमार देवांगन की पदोन्नति गलत तरीके से हुई थी। 8-10 साल पहले इसकी पदाेन्नति की गई। इसकी जांच भी हुई। जांच में कलेक्टर ने आदेश देकर रिकवरी करने भी कहा था। पर अब तक उन्हें संरक्षण क्यों दिया जा रहा।
मैं कुछ नहीं कहूंगा: डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी आरएन मिश्रा ने कहा कि शासकीय कर्मचारी संघ ने 1 जुलाई को ज्ञापन देने का निर्णय लिया था। एक दिन पहले आ गए। महीने में 4 बार ज्ञापन देते रहते हैं। धक्का-मुक्की के संबंध में मैं कुछ नहीं कहूंगा।

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