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कार्रवाई:कोर्ट के आदेश के 3 घंटे बाद नागू को भेजा जेल

धमतरीएक दिन पहले
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रेत का अवैध काराेबारी व जिला पंचायत सदस्य खूबलाल ध्रुव काे पीटने का आराेपी नागू चंद्राकर काे पुलिस ने न्यायालय में पेश करने के तीन घंटे बाद जेल भेजा। यह तीन घंटे कहां रहा, क्या किया? उसे न्यायालय के आदेश के बावजूद 3 घंटे तक जेल क्याें नहीं भेजा गया? यह प्रश्न शनिवार काे दिनभर चर्चा में रहे। पुलिस जवाब नहीं दे पा रही। हुआ यह कि शुक्रवार काे नागू चंद्राकर ने अपने वकील के माध्यम से जमानत के लिए याचिका लगाई थी। इस पर सुनवाई हुई। इसी बीच आराेपी नागू चंद्राकर के वकील ने न्यायाधीश काे बताया कि नागू चंद्राकर काे जेल में रात करीब 12 बजे भेजा गया। वकील ने आपत्ति जताई। इसके बाद न्यायाधीश ने डीएसपी व टीआई से जवाब मांगा है। आराेपी नागू चंद्राकर के वकील ने नियमों का पालन नहीं किए जाने के आधार पर जमानत मांगी थी। हालांकि न्यायालय ने इसे खारिज कर दिया है। 36 दिन से फरार आरोपी नागू चंद्राकर काे राजस्थान के अजमेर से 25 जुलाई को पकड़ा था। पुलिस उसे 26 जुलाई को धमतरी लेकर आई। शाम 5 बजे कोर्ट में पेश किया। उसे रात 9 बजे रिमांड पर जेल भेजने आदेश दिया गया। पुलिस करीब 12 बजे रात को जेल में दाखिल किया। आराेपी के वकील ने पुलिस से सवाल किया कि नागू 3 घंटे कहां था, इसका अफसर जवाब नहीं दे पाए। इसी मामले पर डीएसपी सारिका वैद्य, टीआई आरएन सेंगर को न्यायालय ने फटकार लगाई। स्पष्टीकरण मांगा। इसके बाद टीआई ने जवाब दिया। इसे न्यायाधीश ने नहीं माना और फिर से एवं व्यवस्थित बिंदुवार स्पष्टीकरण मांगा है।

अपराध रोकने के लिए जमानत रोकना जरूरी
इस मामले में जिला पंचायत सदस्य खूबलाल ध्रुव की वकील पार्वती वाधवानी है। उन्होंने बताया कि पुलिस किसी नियम का पालन नहीं करती है। यदि इसका फायदा अभियुक्त को मिलता है, तो अपराध में बढ़ोतरी होगी। अपराध को रोकने के लिए जमानत को रोकना जरूरी है। आरोपी नागू चंद्राकर करीब 36 दिन से फरार था। पुलिस ने 25 हजार का इनाम भी रखा। जमानत पर छूटता है तो वह गंभीर अपराध कर सकता है। मेरे पक्ष को सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार वर्मा ने आरोपी नागू चंद्राकर की जमानत को खारिज कर दिया है।

इसलिए पुलिस अफसरों को किया तलब
वकील पार्वती वाधवानी ने बताया धारा-57 में उल्लेख है कि गिरफ्तार व्यक्ति को 24 घंटे में न्यायालय में पेश करना जरूरी है। पुलिस ने वारंट के बिना नागू को 24 घंटे से अधिक समय तक रखा। ऐसी अवधि मजिस्ट्रेट के धारा 167 के अधीन विशेष आदेश के अभाव में गिरफ्तारी के स्थान से न्यायालय तक यात्रा के लिए समय को छोड़कर 24 घंटे से अधिक की नहीं होनी चाहिए।

24 घंटे के अंदर पेश किया : डीएसपी
डीएसपी सारिका वैद्य ने कहा कि आरोपी नागू चंद्राकर को गिरफ्तार करने के बाद यात्रा समय को छोड़ 24 घंटे के अंदर कोर्ट में पेश किया है। कुछ गलती के कारण स्पष्टीकरण मिला था। नागू को गिरफ्तार किया, उस समय अजमेर में लॉकडाउन था। उसे धमतरी लाने से पहले वहां की पुलिस को इसकी सूचना दी गई थी।

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