2 समुदाय का लंबे समय से चल रहा विवाद:रात में तिर्रा गए अफसर, विवादित रास्ते से 25 भक्त ही गुजरे

धमतरी2 महीने पहले
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  • समझौते के बाद विसर्जन के लिए विवादित रास्ते से प्रतिमा लेकर गुजरे ग्रामीण

गंगरेल डूबान के तिर्रा गांव में दो समुदाय के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है, इस मामले को सुलझाने कलेक्टर-एसपी 13 अक्टूबर की आधी रात गांव गए। दुर्गा विसर्जन में विवाद न हो, इसलिए बड़ी संख्या में फोर्स तैनात रही। विसर्जन वाले रास्ते में पुलिस बल तैनात रही। सुरक्षा के लिहाज से 25 लोगों को रास्ते से गुजरने की अनुमति दी गई। 2010 से तिर्रा में 2 समुदाय के बीच विवाद चल रहा है, वह अब तक जारी है।

12 अक्टूबर को गांधी मैदान में विहिप द्वारा प्रदर्शन के दौरान तिर्रा से आए कुछ युवकों ने जिला प्रशासन को खुली चुनौती दी। कहा था कि मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के लिए उन्हें अनुमति दी जाए या फिर वह बलपूर्वक उस रास्ते से निकलेंगे। इस मामले को गंभीरता से लेते कलेक्टर पीएस एल्मा और एसपी प्रफुल्ल ठाकुर दोनों ने 13 अक्टूबर को रात में तिर्रा आकर सुलह के लिए बातचीत का दौर शुरू किया। शीतला मंदिर के निर्माण पर पूर्व एसडीएम द्वारा रोक लगा दी गई थी। इसे हटाने की मांग ग्रामीण कर रहे हैं। विवादित श्मशान घाट और कब्रिस्तान की भूमि का सीमांकन कराने की भी मांग की गई है।

बाहरी लोगों के गांव में घुसने पर लगी रोक

गुरुवार को सुबह से गांव में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई थी। शुरुआती समय में दोनों समुदाय के लोग प्रशासन से बात नहीं करना चाहते थे। एक पक्ष ने मध्यस्थता की। इसके बाद विसर्जन के लिए हल निकाला गया। जिस रास्ते में विवाद है, वहां 25 लोगों को जाने की अनुमति मिली।

जल्द मामले को सुलझाएंगे: कलेक्टर

कलेक्टर पीएस एल्मा ने कहा कि तिर्रा का मामला पुराना है, इसे जल्द सुलझाया जाएगा। इस विवाद को सुलझाने में दोनों पक्षों का साथ और सहयोग जरूरी है।

बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक: एसपी

एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने कहा कि विवाद का हल निकालने के लिए पुलिस और प्रशासन गांव तक पहुंचा है। बाहरी लोगों के गांव घुसने पर रोक लगाई है। जल्द ही इस समस्या का हल निकालेंगे। समस्या का समाधान करेंगे।

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