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ये नाइंसाफी है:आईएलआई सेंटर में मरीजों को समय पर नहीं मिल रहा दवा-खाना, मरीज ने कहा- यहां मैं मर जाऊंगा

धमतरीएक महीने पहले
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  • जिला अस्पताल के बाजू में बने आईएलआई सेंटर में भर्ती मरीज ने वीडियो जारी कर बताई व्यथा
  • वीडियो जारी कर मरीज ने कहा- 5 बार बुलाने परा आते हैं डॉक्टर और नर्स, दुर्व्यवहार भी करते हैं

काेराेना संक्रमित मरीजाें के इलाज के लिए बीते एक साल से पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है लेकिन व्यवस्थाएं हैं कि पूरी नहीं हाे पा रहीं हैं। माेटा वेतन लेने वाले अफसर-कर्मचारी काेराेना संक्रमण राेकने के अलावा काेई काम नहीं कर रहे लेकिन यह रुकने की बजाय बढ़ता ही जा रहा है। इसमें लापरवाहियां भी खूब हाे रही हैं। इलाज के लिए बनाए गए अस्पतालाें में पंखा तक नहीं हैं। डॉक्टर-नर्साें का व्यवहार बेहद खराब है।

इस बात का खुलासा जिला अस्पताल के बगल में बनाए गए आईएलआई(इंफ्लूएंजा लाइक इलनेस) सेंटर में भर्ती रहे मरीज सुनील साहू द्वारा भेजे गए वीडियाे से हुआ है। इसमें मरीज कह रहे हैं कि सेंटर में मरीजाें काे समय पर दवा व भाेजन तक नहीं मिल रहा है। डॉक्टर-नर्स दुर्व्यवहार करते हैं। इलाज नहीं मिलने के कारण मैं मर जाऊंगा। मुझे यहां से निकालाे। यह वीडियाे भास्कर के पास सुरक्षित है।

वीडियाे में मरीज ने कहा- मेरी हालत बिगड़ रही है, मुझे इस अस्पताल से निकालो
अस्पताल में दवा, भोजन समय पर नहीं मिल रहे। 5 से 7 बार फोन करने पर डॉक्टर, नर्स देखने आते हैं। वे भी अाकर दुर्व्यवहार करते हैं। इलाज नहीं हाेने के कारण मेरी आंख में सूजन आ गई है। एक आंख खुल ही नहीं रही है। कमरे में दो लोग है। पंखे नहीं है। घर से पंखा मंगवाया हूं। इलाज के अभाव में मेरी जान भी जा सकती है। मुझे अस्पताल से बाहर निकालो।
(जैसा कि कोरोना पीड़ित सुनील साहू ने भास्कर को दिए वीडियाे में कहा)

अस्पताल में 2 मरीज भर्ती थे, उन्होंने एक फोटो भी भेजा।
अस्पताल में 2 मरीज भर्ती थे, उन्होंने एक फोटो भी भेजा।

दाेस्त ने स्टेटस देखा ताे तुरंत आए
कोरोना संक्रमित मरीज सुनील साहू ने वीडियो बनाकर अपने पड़ोसी दिनेश देवांगन तक अस्पताल की अव्यवस्था की जानकारी दी। दाेस्त दिनेश देवांगन आश्चर्य चकित हो गए। वे दोपहर करीब 12 बजे आईएलआई सेंटर धमतरी आए। सुनील साहू के ससुर से संपर्क किया। उन्हें भी अस्पताल बुलाया। दिनेश देवांगन ने बताया कि सुनील साहू पहले बिल्कुल स्वस्थ था, लेकिन अस्पताल में भर्ती होने के बाद लगातार तबीयत बिगड़ती गई। शरीर में सूजन आने लगी। आंख सूज गई। हालत लगातार बिगड़ती गई। गंभीर स्थिति देखकर उसका रेफर कराकर शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल वह खतरे से बाहर है।

सारी व्यवस्था हैं, मैं खुद जांच पर जाता हूं: सीएमएचओ
सीएमएचओ डॉ. डीके तुर्रे ने कहा कि आईएलआई सेंटर सहित जिले के सभी सरकारी अस्पताल में कोरोना मरीजों को खाने, पीने से लेकर सोने तक की सुविधा दी जा रही है। भोजन, दवा समय पर दिया जाता है। अस्पताल में पंखे-कूलर सभी लगे है। मैं खुद अस्पतालों का निरीक्षण करता हूं। बांसपारा के जिस मरीज की बात कह रहे, उन्हें परिजन दूसरे अस्पताल में रेफर किया है।

पंखे-कूलर भी बंद शिकायत पर भी कुछ नहीं करते स्टाफ
जानकारी के मुताबिक कुकरेल बांसपारा निवासी सुनील साहू की तबीयत 28 अप्रैल देर-रात को बिगड़ी। परिजन ने 29 अप्रैल को कोरोना जांच कराई। रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उसे जिला अस्पताल के बाजू बने आईएलआई सेंटर में भर्ती किया। भर्ती करने के बाद न तो उन्हें समय पर दवा मिली न भोजन।

ऑक्सीजन की कमी होने पर यहां के डॉक्टर और स्टाॅर्फ नर्साें ने ऑक्सीजन लगा दी। पंखे-कूलर बंद होने से गर्मी से परेशान होता रहा। उनकी तबीयत बिगड़ती गई। शिकायत के बाद भी डॉक्टर-नर्सों ने ध्यान नहीं दिया, तो शुक्रवार को उसने खुद वीडियो बनाया। सेंटर की अव्यवस्था बताई। यह वीडियाे देखने के बाद परिजन तुरंत ही आईएलआई सेंटर गए। सेंटर में भर्ती कुकरेल निवासी कोरोना संक्रमित सुनील साहू काे रेफर कराया। गंभीर हालत देखकर परिजनों ने शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।

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