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17 दिन में दूसरी घटना:गांव में आए चीतल को कुत्तों ने नोचकर मार डाला

धमतरी2 महीने पहले
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  • सियादेही जंगल से निकलकर कुकरेल बस्ती में घुस गया था चीतल

जंगल से निकलकर एक नर चीतल कुकरेल बस्ती में आ गया। आवारा कुत्तों ने चीतल को घेरकर नोचकर घायल कर दिया। वन विभाग के अफसराें काे सूचना मिलने के बाद इलाज कराया गया। इलाज के करीब 4 घंटे बाद उसकी मौत हो गई। कुकरेल क्षेत्र में बीते 17 दिन के अंदर कुत्ते के नोचने से नर चीतल मौत की यह दूसरी घटना है। लगातार चीतलों की मौत से वन विभाग के अफसराें की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक घटना गुरुवार सुबह करीब 9 बजे की है। एक नर चीतल (उम्र करीब 4 साल) कक्ष क्रमांक 162 सियादेही परिसर से निकला। कुकरेल बस्ती में अा गया। 8 से 10 आवारा कुत्तों ने चीतल के पैर और जांघाें काे नाेच दिया। चीतल बुरी तरह जख्मी हो गया। जैसे-तैसे चीतल ने जान बचाकर हितेश सिन्हा की बाड़ी में घुसा। लोगों ने वन विभाग को दी। चीतल का इलाज करने पशु चिकित्सक को बुलाया गया। उसे केरेगांव कक्ष ले जाया गया। 4 घंटे बाद यहीं उसकी मौत हो गई।

अंतिम संस्कार कराया
आईएफएस आलोक वाजपेई ने बताया कि कुत्तों के नोंचने से चीतल बुरी तरह जख्मी हो गया था। नर चीतल की उम्र करीब 4 साल थी। बुरी तरह से जख्मी चीतल को बचाने का काफी प्रयास भी किया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। वन विभाग कर्मियों ने केरेगांव रेंज में अंतिम संस्कार किया।

लगातार मर रहे वन्य प्राणी
वन्य प्राणियों के मरने की लगातार घटनाएं हाे रहीं हैं। जिले के जंगलों में तेंदुआ, नीलगाय, हिरण, चीतल, भालू, जंगली सुअर, लोमड़ी, लकड़बग्घा, राष्ट्रीय पक्षी मोर, सुअर आदि अन्य वन्य प्राणी हैं। इनकी सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था नहीं है। 1 जून को एक नर चीतल को कुत्ते ने कुकरेल में मार डाला था।

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