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वन नेशन-वन राशन कार्ड:राशन लेने की मात्रा और नाम भी होगा ऑनलाइन, 405 राशन दुकानों में से 35 पर ट्रॉयल शुरू

धमतरी12 दिन पहले
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राशन लेने से पहले मशीन में अंगूठे के निशान का मिलान किया गया। - Dainik Bhaskar
राशन लेने से पहले मशीन में अंगूठे के निशान का मिलान किया गया।
  • जिले में बीपीएल व एपीएल के 1.62 लाख कार्ड हैं

राशन दुकानों से किसी भी तरह की चोरी रोकने जिले में जल्द ही वन नेशन-वन राशन कार्ड की योजना शुरू होगी। जिले के 405 दुकानों में पीओएस मशीन से राशन बांटने की तैयारी है। अभी 1 जुलाई से शहर के 35 राशन दुकानों में इस मशीन से ट्रायल चल रहा है।

इस नई ऑनलाइन मशीन से शहर के बीपीएल-एपीएल कार्ड वाले अधिकतर लाेगाें को राशन दिया जा रहा है। अफसरों का दावा है कि इस नए सिस्टम के पूरी तरह लागू होने से उसी को ही राशन होगा मिलेगा, जिसके नाम से कार्ड है।

इतना ही नहीं राशन दुकानदार पात्र लोगों को कितने किलो चावल और शक्कर दे रहा है इसकी एंट्री भी ऑटोमेटिक मुख्य सर्वर में हो जाएगी। जिले में वर्तमान में बीपीएल व एपीएल के करीब 1.62 लाख कार्ड हैं। जिनमें सदस्यों की संख्या 6.81 लाख हैं। हर महीने करीब 70 हजार क्विंटल चावल की खपत होती है।

जानिए, ऐसे काम करता हैं पीओएस मशीन

खाद्य निरीक्षक नरेश पीपरे ने बताया कि 1 जुलाई से शहर के 35 राशन दुकान में ट्रॉयल के रूप में ई-पॉश (पीओएस) मशीन से अधिकतर लाेगाें को राशन दिया जा रहा है। यह मशीन सीधे यूआईडी यानी आधार कार्ड के मुख्य सर्वर से जुड़ी है। राशन लेते समय आधार नंबर और अंगूठे का निशान लिया जाता है।

जैसे ही आधार नंबर डाला जाएगा। पूरी जानकारी दिखने लगती है। दुकानदार इलेक्ट्रॉनिक तौैल मशीन से राशन तौलेगा। यह भी पीओएस मशीन से ब्लू टूथ से जुड़ी है। यानी जितना राशन देना है, उतना ही देना होगा।

पीओएस मशीन से ये होंगे फायदें

  • वन नेशन-वन राशन कार्ड के लिए बनाया गया एप हैदराबाद से संचालित हो रही है। जिसमें डिवाइस, प्रिंटर, थम्ब, ऑनलाइन आधार लिंक शामिल हैं।
  • जिले के राशन दुकानों में राशन की चोरी रूकेंगी। प्लस-माइनस राशन रखने का खेल खत्म हो जाएगा।
  • जिस दुकान को जितना राशन आवंटित होगा, उसे उतना राशन बांटना ही होगा, जो बचेगा वो ऑटोमेटिक वापस हो जाएगा।
  • जिले के 405 राशन दुकान से दूसरे वार्ड, दूसरे जिले और दूसरे राज्यों से आया हितग्राही राशन खरीद सकेगा।
  • कालाबाजारी रोकने में मदद मिलेगी। आधार और राशन कार्ड लिंक नहीं होने पर राशन कार्ड निरस्त भी किया जा रहा है।

यह समस्या: ई-पॉश मशीन की बैट्री कमजोर

शहर के कुछ राशन दुकानों की पड़ताल की गई, तो पता चला कि ई-पॉश मशीन की बैटरी मुश्किल से घंटेभर ही चलती है, जबकि राशन वितरण 6 से 7 घंटे लगातार किया जाना है। अभी तक सभी कार्डधारियों का कार्ड नंबर भी अपडेट नहीं किया गया है। जिससे बिना वितरण के ही लौटना पड़ रहा है।

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