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खराबी:सॉफ्टवेयर में फसल सूखने का समय 10 दिन बता रहा, लगते हैं 15 दिन

धमतरीएक महीने पहले
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  • आरआई ने सुधारने कहा, आनावारी रिपोर्ट तैयार करने राजस्व निरीक्षक का ऑनलाइन प्रशिक्षण हुआ, 355 हुए शामिल

खरीफ वर्ष 2020-21 में किसानों को फसल बीमा का लाभ दिलाने के लिए फसल कटाई प्रयोग किया जाना है। धमतरी जिले में 15 अक्टूबर से फसल कटाई प्रयोग शुरू हो जाएगा, इसके लिए सोमवार को राजस्व निरीक्षकों का ऑनलाइन प्रशिक्षण हुआ। प्रशिक्षण दिल्ली से दिया गया। इसमें 355 राजस्व निरीक्षक व अन्य अफसर शामिल हुए। प्रशिक्षण अधिकारियों को राजस्व निरीक्षकों ने कटाई के दौरान आने वाली समस्याएं बताईं। फसल कटाई के दौरान दानों में नमी होती है। 15 दिन सूखने में लगते हैं। यह समय 15 दिन का होता है, जबकि सॉफ्टवेयर में 10 दिन हैं। समय पर अपलोड नहीं होने से पटवारी, राजस्व निरीक्षकों को शो-कॉज नोटिस मिलते हैं। धमतरी के आरआई ने बीते वर्ष भी यह समस्या बताई थी। इसमें सुधार कराने की बात कही, लेकिन एक साल बाद भी सॉफ्टवेयर में सुधार नहीं हो पाया। समय पर अपलोड नहीं होने से किसानों का नाम सॉफ्टवेयर से हट जाता है। किसानों को फसल बीमा का लाभ नहीं मिल पाता। इस बार प्रश्न उठाया गया तो फिर से सुधारने की बात कही। सभी आरआई ने इस समस्या का समाधान करने की बात कही, तब प्रशिक्षण अधिकारी ने शासन को पत्र लिखने की बात कही। इसका खामियाजा पटवारी, आरआई को भुगतनी पड़ती है।

जिले में मक्के की शुरू हो चुकी फसल कटाई
जिले में मक्के की खेती नगरी और मगरलोड ब्लाक में 2 हजार हेक्टेयर में की जा रही है। मक्के का फसल कटाई प्रयोग शुरू हो गया है। मक्के का 5x5 के अनुसार ही प्रयोग किया जा रहा है। अरहर का 10x5, केला, गन्ना समेत अन्य फसल का भी 10x5 के अनुसार ही फसल कटाई प्रयोग किया जा रहा है।

अब कहीं भी हो सकेगी प्रविष्टि अपलोड
पटवारी, राजस्व निरीक्षक को फसल कटाई के दौरान प्रत्येक गतिविधि का फोटो खींचकर अपलोड करना है। इस वर्ष अपलोड कहीं भी किया जा सकता है। पहले नेटवर्क की समस्या के कारण अपलोड नहीं होते थे, अब नेटवर्क जहां मिलेगा वहीं अपलोड किया जा सकता है। शासन द्वारा जारी किए रेंडम अनुसार ही अक्षांश, देशांतर रेखाओं के बीच खड़े होकर पटवारी, राजस्व निरीक्षक समेत किसान, पंचायत प्रतिनिधियाें की मौजूदगी में फसल का फोटो लेना है। इसके बाद 5मीटर लंबा और 5 मीटर चौड़ा घेरा लगाकर फोटो खींचना, फसल काटने के बाद फोटो लेना, तौलाई करने का फोटो लेकर साफ्टवेयर में अपलोड करना है। यदि 33 प्रतिशत से कम उत्पादन आता है, तो किसानों को मुआवजा मिलेगा।

नहीं मिलते मजदूर, रुपए भी शासन से नहीं मिलता
आरआई ने अनावारी रिपोर्ट तैयार करने के दौरान मजदूर नहीं मिलने की समस्या बताई। पटवारी, आरआई फसल कटाई प्रयोग करने के लिए मजदूर ले जाते हैं। इसकी मजदूरी भी शासन से नहीं दिया जाती है। फसल कटाई करने के 15 दिन बाद फिर उसी जगह आकर प्रविष्टि अपलोड करनी होती है।

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