विरोध:पुराना कमरा मिला तो नेता प्रतिपक्ष धरने पर बैठे

धमतरीएक वर्ष पहले
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निगम में पहली बार कांग्रेस की सत्ता आई। 40 वार्डों के पार्षदों को शपथ लिए 6 महीने बीत गए, लेकिन नेता प्रतिपक्ष नरेंद्र रोहरा और भाजपा पार्षदों को उनकी इच्छा के मुताबिक कमरे तक नहीं मिले हैं। इससे आक्रोशित भाजपा पार्षदों ने नेता प्रतिपक्ष के साथ मंगलवार को निगम के बरामदे में बैठकर करीब 3 घंटे विरोध प्रदर्शन किया।
1 जुलाई को नगर निगम में एमआईसी (मेयर इन काउंसिल) की बैठक हुई। 22 में से 1 एजेंडा नेता प्रतिपक्ष को कमरा देने पर था। एमआईसी में पास हुआ कि पहले से तय नेता प्रतिपक्ष का कमरा भाजपा पार्षद और नेता प्रतिपक्ष को दिया जाए, लेकिन नेता प्रतिपक्ष नरेंद्र रोहरा ने यह कमरा छोटा होने की बात कहकर लेने से मना कर दिया है। नाराज भाजपा पार्षदों ने निगम के बरामदे में कुर्सी लगाकर विरोध किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष नरेंद्र रोहरा के अलावा भाजपा पार्षद राजेंद्र शर्मा, धनीराम सोनकर, प्राची सोनी, सरिता तिवारी, मिथलेश सिन्हा, रितेश नेताम, सरिता असाई, हेमंत बंजारे सहित अन्य पार्षद मौजूद थे।
नेता प्रतिपक्ष को कमरा दिया गया: कमिश्नर
निगम कमिश्नर आशीष टिकरिहा ने बताया कि एमआईसी में पास हुआ कि नेता प्रतिपक्ष को पुराना कमरा दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष को यह कमरा दे दिया है, लेकिन वे इस कमरे काे नहीं ले रहे हैं। विराेध कर रहे हैं। 
कमरा छोटा है, 19 पार्षद कैसे बैठेंगेः नेता प्रतिपक्ष
नेता प्रतिपक्ष नरेंद्र रोहरा ने कहा कि निगम ने जो कमरा दिया है वह छाेटा है। भाजपा के कुल 19 पार्षद हैं। सभी लोग नहीं बैठ पाएंगे। पार्षदों के वार्डों से आने वाले लोगों की समस्या बैठकर सुनने और सुलझाने के लिए जगह नहीं है।

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