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झमाझम बारिश:शहर की निचली बस्तियों में भरा पानी तो लोगों काे निगम की टीम ने निकाला, पुरानी मंडी में रुकवाया

धमतरी10 दिन पहले
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मगरलोड ब्लॉक के राजपुर स्कूल में 2 फीट पानी भर गया। स्कूल नहीं लगा। - Dainik Bhaskar
मगरलोड ब्लॉक के राजपुर स्कूल में 2 फीट पानी भर गया। स्कूल नहीं लगा।
  • स्टेशनपारा की देवार बस्ती में भरा पानी, कई स्कूलों में भी 2 फीट तक जलभराव, कई स्कूल खुले ही नहीं

सुबह से जिलेभर में भारी बारिश शुरू हो गया। सुबह से तेज बारिश होने के कारण लोग काम के लिए भी घरों से बाहर नहीं निकले। दुकानें भी बंद रखीं। निचली बस्तियों में पानी भर गया। स्टेशन पारा की देवार बस्ती के रहवासियाें काे निगम टीम ने निकाला। पुरानी मंडी में रुकवाया। देर-शाम को व्यापारियों ने दुकानें खोलकर पानी निकलने मशक्कत करते रहे। शहर सहित कुरूद, नगरी, मगरलोड ब्लॉक के कई सरकारी व निजी स्कूल भी नहीं खुले। कई स्कूलों में भी 2 फीट तक पानी भरा। भारी बारिश से किसानों की चिंता भी दूर हो गई।

लगातार भारी बारिश होने का यह है कारण

मानसून द्रोणिका मध्य समुद्र तल से 0.9 किमी ऊंचाई तक दिशा, अहमदाबाद, इंदौर, होशंगाबाद, गहरा अवदाब के केंद्र, गोपालपुर और उसके बाद दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्व- मध्य बंगाल की खाड़ी तक स्थित है। एक द्रोणिका दक्षिण गुजरात में स्थित चक्रवात उत्तर छत्तीसगढ़ और उससे लगे उत्तर अंदरूनी उड़ीसा तक 1.5 किमी ऊंचाई से 5.8 किमी ऊंचाई तक मध्य प्रदेश होते हुए स्थित है। इस वजह से धमतरी में भारी बारिश हुई।

विधायक और पार्षदों ने लोगों को दी भाेजन किट

स्टेशन पारा की देवार बस्ती वालाें काे पुरानी कृषि उपज मंडी में शरण लेनी पड़ी। इन्हें जरूरी सुविधाएं देने के लिए विधायक रंजना डीपेंद्र साहू सहित भारतीय जनता पार्टी के पार्षद निगम के नेता प्रतिपक्ष नरेंद्र रोहरा, निगम के पूर्व सभापति राजेंद्र शर्मा, पार्षद विजय मोटवानी तथा श्यामा साहू ने प्रयास किए। सभी लोगों को भोजन किट उपलब्ध कराई।

विधायक साहू ने चिकित्सकों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए मंडी कैंप में सेवाएं देने के लिए कहा। समस्याओं के त्वरित निदान के लिए स्वयं यथासंभव उपस्थित रहने का सभी उपस्थित जनों को आश्वासन दिया। वही नेता प्रतिपक्ष नरेंद्र रोहरा ने कहा कि विपक्ष निगम क्षेत्र में जनता की समस्याओं से निगम शासन प्रशासन को अवगत कराते रहेगा साथ ही सेवा के क्षेत्र में हम सभी विपक्ष के पार्षद संकल्पबद्ध हैं।

गंगरेल में हर घंटे बढ़ रहा 3 सेमी जलस्तर

बांध जलभराव आवक
गंगरेल - 19.796 - 23127
मुरूमसिल्ली - 4.208 - 5833
दुधावा - 4.011 - 3442
सोंढूर - 4.061 - 2458

बीते 24 घंटे में हुई बारिश

तहसील बारिश/मिमी
मगरलोड - 141.6
कुरूद - 126.5
भखारा - 103.3
कुकरेल - 73.2
नगरी - 50.8
धमतरी - 31.6

पहली बार गंगरेल में 23127 क्यूसेक पानी आ रहा

जल संसाधन विभाग के मुताबिक कैचमेंट क्षेत्र कांकेर जिले में हो रही बारिश से गंगरेल बांध में आधी रात अचानक पानी की आवक बढ़ी। सुबह 8 बजे बांध में 12121 क्यूसेक पानी की आवक थी। दोपहर को 23127 क्यूसेक हो गई। इस बांध में 61.57% पानी है। आवक के हिसाब से बांध का जलस्तर हर घंटे 3 सेंटीमीटर बढ़ रहा है। मुरूमसिल्ली में 72.06%, दुधावा में 39.35% और सोंढूर में 58.05% पानी है।

लापरवाही छुपाने बरसते पानी में घूमे महापौर, अध्यक्ष

बरसाती पानी निकासी की पड़ताल कर भास्कर ने पहले ही प्रशासन को चेताया था कि भारी बारिश हुई तो शहर डूब जाएगा, लेकिन न तो जनप्रतिनिधि चेते न प्रशासन। अब भारी बारिश हुई तो निचली बस्तियों के घरों में घुटनेभर पानी भर गया। ऐसे हालत नगर सरकार की लापरवाही के कारण बनीं है। अब लापरवाही छुपाने महापौर विजय देवांगन, अध्यक्ष अनुराग मसीह बरसते पानी में उतरे। उन्होंने स्लम एरिया में रहने वाले लोगों के घरों में पानी भरने से कई परिवार को पुरानी मंडी में रुकने की व्यवस्था कराई।

बारिश से पानी घरों में घुसा जनजीवन हुआ प्रभावित

मगरलोड| इलाके में हो रही दो दिन से लगातार तेज बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है। तेज बारिश से नदी नाला उफान पर हैं। ब्लाक मुख्यालय से जोड़ने वाली सड़काें से पानी ऊपर से बह रहा है। सड़क ही नहीं दिखाई रहा है।

बारिश से छिपली लुगे नाला, पीडब्ल्यूडी बनाई गई की रोड राजपुर से मोहदी पुल टूट गया है। इस कारण लोगों की आवाजाही बंद है। खेतों में पानी लबालब है तालाब जैसा नजारा है। तेज बारिश से कई गांव के घरों मे पानी अंदर घुस गया है। घरों के अंदर पानी घुसने से सामान पानी मे तैरने लगा। ग्रामीण सुबह से ही समान को सुरक्षित करने में जुटे रहे तथा पानी निकासी का साधन बनाते रहे। कई गांव के राशन दुकान व स्कूल में पानी घुस गया है। मगरलोड़ से नवापारा मार्ग सहित विभिन ब्लाक मुख्यालय वाले रास्ते पानी से भरे हुए हैं। वही पैरी नदी उफान पर है।

चारभाठा का मुख्यमार्ग हुआ जलमग्न, नाली की मांग की

सिर्री| चारभाठा में रोड़ किनारे नाली नहीं बनने से बारिश का पानी सड़क पर घुटने तक बहने लगा है। गांव के प्रवेश द्वार के सामने का यह दृश्य परेशान करने वाला है। पता चला है कि रोड के साथ नाली भी बननी थी लेकिन नाली अब तक बनी नहीं है। भादो महीने में जमकर हुई बारिश से एक तरफ किसानों की चेहरे में खुशी की लहर है तो दूसरी ओर नारी से चारभाठा जाने वाली मुख्य मार्ग पर पानी निकासी नहीं होने गांव की अव्यवस्था की पोल खोल दी है। बारिश का पानी सड़कों में घुटनो तक बहने लगा है। जिससे आने जाने वाले स्कूल वैन, मोटर साईकिल व अन्य वाहनों को परेशानी हो रही है। पैदल चलकर जाना पड़ रहा है । ग्रामीणों ने पक्की नाली निर्माण कराने की मांग की है।

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