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लापरवाही:ऐसे अनलॉक से संक्रमण नहीं हाेगा डाउन, छूट नहीं फिर भी बर्तन, कपड़े और सराफा की दुकानें खुलीं

धमतरीएक महीने पहले
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  • प्रशासन ने जरूरी सामग्रियों किराना, सब्जी व कृषि से संबंधित दुकानाें काे ही खाेलने की दी है छूट
  • निरीक्षण पर नहीं निकल रहे अफसर... संक्रमण बेकाबू, अफसर घराें में मस्त, सड़कों पर बढ़ी भीड़

कोरोना संक्रमण काे राेकने के लिए जिला प्रशासन लॉकडाउन काे कुछ शर्ताें व छूट के साथ तीसरी बार बढ़ाया है। कुछ दुकानाें काे अनलाॅक किया। लेकिन व्यापारी छूट का बेजा फायदा उठाने लगे हैं। प्रशासन ने जरूरी सामग्री किराना, सब्जी व कृषि से संबंधित दुकानाें काे खाेलने की छूट दी है लेकिन व्यापारी बर्तन, कपड़ा सहित अन्य दुकानें भी खाेलने लगे हैं। लाॅकडाउन के नियमाें का पालन कराने वाले अफसर कहीं नजर नहीं आ रहे। घराें में ही व्यस्त हैं।

ऐसे अनलाॅक हुआ ताे संक्रमण डाउन नहीं हाेगा। लॉकडाउन का तीसरा चरण गुरुवार से शुरू हुआ। सड़कों पर आम दिनों की तरह भीड़ नजर आई। किराना, कृषि उपकरण और बैंक खोलने की छूट है। लेकिन कपड़े, सोना-चांदी, बर्तन सहित कई अन्य दुकानें भी खुल गईं। सड़क पर बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने वाले अफसर कहीं नजर नहीं आए।

लॉकडाउन में मिले 9874 मरीज, 257 मौत
जिले में लॉकडाउन के दौरान सबसे ज्यादा संक्रमित मरीज मिल रहें है। बावजूद इसके लापरवाही कम नहीं हाे रही है। बाजार लगाने पर भी रोक है, इसके बाद भी सड़क पर अस्थाई बाजार लगाया जा रहा। इसी का नतीजा है कि लॉकडाउन में 12 अप्रैल से 5 मई तक 24 दिन में 28 हजार 558 लोगों की कोरोना जांच हुई हैं। इनमें से 9874 लोग संक्रमित मिले हैं, जबकि 257 लोगों की मौत हो गई।

सीईओ ने जारी किया दुकानाें का समय
व्यापारियाें में असमंजस है। सीईओ जिला पंचायत मंयक चतुर्वेदी ने दुकानाें के खुलने बंद हाेने की जान कारी दी है। बिंदुवार बताया गया है कि काैन सी दुकानें खुलेंगी, नहीं खुलेंगी या आंशिक रूप से खुलेंगी।

इनके लिए मुश्किलें

लॉकडाउन से रोज मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करने वालों की मुश्किल है। लॉकडाउन से ऑटो, रिक्शा, मालवाहक चलाने वाले, ठेला खींचने वाले, फुटपाथ पर अस्थाई दुकान लगाने वालों की परेशानी बढ़ रही है।

इनके लिए आपदा अवसर
कुछ व्यापारियों ने राशन के दाम में बढ़ोतरी कर दी है। फल, सब्जी के दाम भी डेढ़ से दाे गुने तक हाे गए हैं। नियंत्रण भी नहीं किया जा रहा।

सुबह 8 से 5 बजे तक

  • किराना स्टोर्स।
  • मिल्क पार्लर।
  • कृषि, पशु चारा एवं पशु आहर से संबंधित दुकानें।
  • किराना दुकान के अलावा जनरल स्टोर्स की दुकानें केवल वस्तुओं की होम डिलेवरी।
  • ऑटा चक्की तथा अन्य फ्लोर मिल।
  • गैस डिलेवरी सेवाएं।
  • सभी गोदाम।
  • भवन एवं सड़क निर्माण से संबंधित कच्चे वस्तुओं की आपूर्ति की खदानें।
  • निजी कोरियर सेवाएं एवं ऑनलाइन वस्तुओं की डिलेवरी करने वालीं सभी दुकानें।

सुबह 8 से 12 बजे तक
कृषि उपकरणों के मरम्मत की दुकानें।

सुबह 8 से 10 बजे तक:

  • थोक अनाज, फल एवं सब्जी मंडी केवल चिल्हर व्यापारी को सामान देने।
  • पंखा, कूलर, एसी, सेनटरी फिटिंग की मरम्मत करने वाली वस्तुओं की आपूर्ति।

ये सभी फिलहाल बंद ही रहेंगी

  • थोक एवं चिल्हर कपड़े की दुकानें, सोना-चांदी दुकान, मोबाइल दुकान, इलेक्ट्राॅनिक दुकाने, हार्डवेयर दुकानें, फैंसी स्टोर्स।
  • नगरीय निकाय व ग्रामीण इलाके के सभी प्रकार के साप्ताहिक बाजार।
  • निजी बसें, टैक्सी, ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, रिक्शा नहीं चलेंगे। केवल आपात मेडिकल सेवा और जरूरी वस्तुओं के परिवहन की छूट।

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