प्रदर्शन:यूरिया नहीं मिला तो 3 घंटे एनएच पर बैठे किसान, बोले- केंद्र और राज्य सरकार के बीच हम पिस रहे

फरसगांव2 महीने पहले
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फरसगांव। बोरगांव सहकारी समिति खाद नहीं मिलने नाराज किसान नेताजी चौक पर पहुंचे और एनएच-30 पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। - Dainik Bhaskar
फरसगांव। बोरगांव सहकारी समिति खाद नहीं मिलने नाराज किसान नेताजी चौक पर पहुंचे और एनएच-30 पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे।
  • कोंडागांव जिले में बोरगांव में रोड पर बैठे किसान, बसों की आवाजाही रुकने से यात्री हुए परेशान

कोंडागांव जिले के बोरगांव सहकारी समिति के तहत आने वाले सभी गांव के किसानों ने शनिवार को मांग के हिसाब से खाद नहीं मिलने से नाराज होकर एनएच-30 को जाम कर दिया। बोरगांव के नेताजी चौक के पास किसानों ने दोपहर 12 से 3 बजे तक तीन घंटे चक्काजाम कर सरकार के प्रति विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान लगभग आवागमन पूरी तरह ठप रहा और बस यात्री परेशान नजर आए।

किसानों ने कहा कि जब खाद के लिए सहकारी समिति जाते हैं तो कम मात्रा में खाद आने की बात कह उन्हें वापस भेज दिया जाता है। मांग के मुताबिक खाद नहीं मिलने से वे लगातार परेशान हो रहे हैं। केंद्र सरकार राज्य पर आरोप लगा रही है तो राज्य सरकार केंद्र सरकार पर आरोप लगाकर अपनी जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही है। इन दोनों सरकार के बीच किसान पिस रहे हैं। किसानों ने कहा कि हमें राजनीति नहीं यूरिया चाहिए। खाद के अभाव में हमारी फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी।

किसान बोले- निजी दुकानदार ज्यादा रुपए ले रहे
प्रदर्शन में बैठे किसानों ने कहा कि सरकार किसानों के प्रति गंभीर नहीं है। जो किसान सभी का पेट भरते हैं उन्हें ही खाद के लिए भीख मांगनी पड़ रही है। प्राइवेट दुकानों में यूरिया सरकार द्वारा तय किए गए दाम से अधिक दाम पर बेचा रहा है। व्यापारियों द्वारा खुलेआम बेचकर किसानों को लूटा जा रहा है। नाराज किसानों ने कहा कि खाद को लेकर केंद्र और राज्य शासन के बीच राजनीति हो रही है।

तीन दिन में यूरिया दिलाने का दिया अल्टीमेटम
किसानों ने कहा कि यूरिया और डीएपी के लिए लगातार समितियों के चक्कर लगा रहे हैं। सूचना पाते ही तहसीलदार यूके मानकर पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मनाने की नाकाम कोशिश की, लेकिन किसानों ने तीन दिन में यूरिया उपलब्ध कराने का अल्टीमेटम दिया और कलेक्टर या विधायक संतराम नेताम, मोहन मरकाम को बुलाने की मांग करने लगे। सहायक पंजीयक केएल उईके ने किसानों से बातचीत की। उन्होंने किसानों को 4000 बोरी यूरिया, 2500 बोरी डीएपी तथा 500 बोरी पोटाश किसानों को देने का लिखित आश्वासन दिया। किसानों ने कहा कि तीन दिन में मांगें पूरी करें।

‘दारू भट्टी बंद करो खाद देना शुरू करो’
फरसगांव ब्लॉक के बोरगांव सहकारी समिति में केवल 300 पैकेट यूरिया दिया गया था। शनिवार को किसानों को बुलाया गया। अचानक खाद के आने की जानकारी मिलने के बाद 1000 से अधिक किसान यूरिया लेने पहुंचे। जिससे हंगामे की स्थिति बन गई। आक्रोशित होकर किसान सीधे एनएच-30 पर धरने पर बैठ गए और यूरिया खाद की मांग करने लगे। इस दौरान किसानों ने ‘किसानों को ठगना बंद करो’, ‘दारू भट्टी बंद करो, खाद देना शुरू करो, बिजली बिल बंद करो जैसे नारे लगाए।

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