एक उंगली ने रोकी पढ़ाई:85% अंकों से 12वीं पास; एक उंगली कम होने से आधार कार्ड नहीं बना, तो कॉलेज एडमिशन नहीं मिला

गरियाबंद7 महीने पहले
विनोद के दाएं हाथ में एक उंगली जन्म से नहीं है। इसके कारण उसका आधार कार्ड नहीं बना। अब न राशन कार्ड है और न कॉलेज में एडमिशन मिल रहा है।

गरियाबंद के विनोद निर्मलकर ने 12वीं की परीक्षा 85 प्रतिशत अंकों के साथ पास की है। वह आगे पढ़ना चाहता है, लेकिन कॉलेज में एडमिशन नहीं हो सका। क्योंकि उसके हाथ में एक उंगली कम है। इससे आधार कार्ड नहीं बन सका। दरअसल, आधार कार्ड बनवाने के लिए आंखों और सभी उंगलियों की स्कैनिंग अनिवार्य हैं। कॉलेज में ऑनलाइन एडमिशन में आधार कार्ड की अनिवार्यता है। अब विनोद अपने पिता बंसी निर्मलकर के साथ कपड़े प्रेस करने करने को मजबूर है।

अमलीपदर निवासी विनोद के दाएं हाथ में एक उंगली जन्म से नहीं है। वह पढ़ाई में बचपन से होशियार है, तो परिजनों ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। अब 12वीं के बाद सिस्टम आड़े आ गया। कॉलेज में दाखिले के लिए आधार नंबर चाहिए, लेकिन विनोद का आधार कार्ड बना नहीं है। वह आधार कार्ड बनवाने पहुंचा तो एक उंगली कम होने के कारण उसे च्वाइस सेंटर से लौटा दिया गया। सेंटर वालों ने कहा, मशीन हाथ स्कैन नहीं कर रही। एरर आ रहा है।

कॉलेज में एडमिशन नहीं मिला तो विनोद अपने पिता के साथ ही कपड़ों में प्रेस करने के पुश्तैनी काम में उनका हाथ बंटा रहा है।
कॉलेज में एडमिशन नहीं मिला तो विनोद अपने पिता के साथ ही कपड़ों में प्रेस करने के पुश्तैनी काम में उनका हाथ बंटा रहा है।

पुश्तैनी काम में पिता का हाथ बंटा रहा

विनोद का कहना है कि कॉलेज में एडमिशन ऑनलाइन हो रहा है और इसके लिए आधार कार्ड जरूरी है, मगर उसके हाथ की एक उंगली नहीं होने के कारण आधार कार्ड तो बन नहीं पाया। ऐसे में वह अब हताश हो गया है। कहता है कि आगे पढ़ना चाहता हूं, पर नहीं पढ़ पा रहा हूं। अब पिता के साथ ही कपड़ों में प्रेस करने के पुश्तैनी काम में उनका हाथ बंटा रहा हूं। विनोद का कहना है कि उसने आधार कार्ड बनवाने का और भी तरीका पूछा, लेकिन च्वाइस सेंटर वाले नहीं बता सके। बेटे की पढ़ाई बीच में छूटने से पिता भी बेहद परेशान हैं।

आधार नहीं बना, तो राशन कार्ड भी नहीं बन सका
आधार कार्ड नहीं होने के कारण विनोद का नाम राशन कार्ड भी नहीं जोड़ा जा सका। जबकि, छत्तीसगढ़ में तमाम योजनाओं का लाभ राशन कार्ड के आधार पर दिया जाता है। हालांकि आधार कार्ड के मुद्दे को लेकर मैनपुर के SDM सूरज साहू कहते हैं कि इस मामले की जानकारी आप से मिल रही है। आधार कार्ड से कोई वंचित नहीं रह सकता। ऐसे लोगो के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट के जरिए आधार बनाने का प्रावधान है। स्थानीय अमले को निर्देशित कर छात्र को जिला अस्पताल लाया जाएगा। यहां के सर्टिफिकेट के आधार पर उसका जल्द से जल्द आधार कार्ड बनवाया जाएगा।