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अच्छी पहल:बस्तर के 120 आंगनबाड़ी केंद्र सौर ऊर्जा से होंगे रोशन

जगदलपुरएक महीने पहले
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आंगनबाड़ी में सोलर पैनल लगाने का काम किया जा रहा। - Dainik Bhaskar
आंगनबाड़ी में सोलर पैनल लगाने का काम किया जा रहा।
  • आंगनबाड़ियों में क्रेडा लगाएगा सोलर पैनल, गर्मी और अंधेरे से निजात दिलाने 6 बल्ब और एक पंखा भी लगाया जाएगा

जिले की 120 आंगनबाड़ियों में पढ़ने वाले मासूमों के लिए राहत भरी खबर है। शीघ्र ही जिले की ये आंगनबाडिय़ों सौर ऊर्जा से रोशन होंगी। महिला बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ियों को सौर ऊर्जा से रोशन करने के लिए प्लान तैयार कर लिया है। सरकार की नई पहल से आंगनबाड़ी केंद्रों के दिन बहुरने वाले हैं। प्री-प्राइमरी शिक्षा को विकसित करने के मकसद से आंगनबाड़ी केंद्रों में सौर ऊर्जा सिस्टम लगवाया जाएगा। इससे आंगनबाड़ी केंद्र सौर ऊर्जा से जगमग हो सकेंगे। शासन के निर्देश के बाद महिला बाल विभाग आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची तैयार करने में लग गया है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी अवनि विश्वाल ने बताया कि बेसिक शिक्षा की तरह प्री-प्राइमरी शिक्षा को सुधारने का निर्णय लिया गया है। सरकार का मानना है कि भविष्य की पौध जितनी मजबूत होगी, उतना कल सुनहरा होगा। इसी के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों को विकसित करने की रूपरेखा तैयार की गई है। पहले चरण में आंगनबाड़ी केंद्रों को बिजली पहुंचाने के लिए सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने पर मुहर लगाई गई है।

एक केंद्र को रोशन करने में खर्च हाेंगे 43 हजार रुपए
आंगनबाड़ी केंद्रों के ऊर्जीकृत होने से हर समय रोशनी होगी। बच्चे दूधिया रोशनी में शिक्षा ग्रहण करेंगे। गर्मी के मौसम में ठंडी हवा मिलेगी। इससे बच्चों का आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रति रुझान बढ़ेगा। प्रारंभिक शिक्षा को गति मिलेगी। प्रत्येक आंगनबाड़ी में 43 हजार रुपए की लागत से सोलर पैनल लगाएं जाएंगे। लगभग 52 लाख रुपए की लागत से इस योजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा।

जब यह सिस्टम लग जाएंगे तो आंगनबाड़ी केंद्रों में 5 बल्ब और पंखे लगवाए जाएंगे। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि अब नौनिहालों का अंधेरे में रहकर पढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी। साथ ही गर्मी में भीषण गर्मी से परेशान नहीं होना पड़ेगा। बच्चों को अब पंखे की भी व्यवस्था हो जाएगी। बता दें कि जिले में 1981 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। अब तक करीब 500 से अधिक केंद्रों में बिजली की सुविधा नहीं है। जिसको लेकर बच्चों का गर्मी में काफी परेशानी होती थी।

इधर 42 केंद्रों के भवन के लिए जमीन नहीं ढूंढ पाए
एक ओर जहां विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को रोशन करने के लिए सोलर सिस्टम लगवा रहा है तो वहीं दूसरी ओर शहर के 42 केंद्रों के लिए अब तक विभाग जमीन ढूंढ पाया है। 71 में अब तक 42 केंद्र किराए के भवन में संचालित हो रहे हैं। जहां पर बच्चों को किसी प्रकार की सुविधा नहीं मिल रही है। इन भवनों के निर्माण को लेकर विभाग ने निगम को जिम्मेदारी सौंपी थी। अधिकारी ने कहा कि निगम के अधिकारियों और पार्षदों से बातचीत की जाएगी।

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