छात्र ने कबाड़ से बना लिया ड्रोन:बस्तर के 13 साल के बच्चे ने बनाया कैमरा लगा ड्रोन, 100 रुपए का आया खर्च, कहा - बड़ा होकर वैज्ञानिक बनना है

जगदलपुर/केशकाल8 महीने पहले
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एक 13 साल के बच्चे ने कबाड़ से जुगाड़ कर एक ड्रोन कैमरा बनाया है। - Dainik Bhaskar
एक 13 साल के बच्चे ने कबाड़ से जुगाड़ कर एक ड्रोन कैमरा बनाया है।

नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। "बचपन का प्यार" वाले सहदेव व चुटकियों से "राष्ट्रगान" की धुन बजाने वाले अभिषेक के बाद अब एक और बच्चे की प्रतिभा सामने आई है। कोंडागांव जिले के नक्सल प्रभावित करारमेटा गांव के एक 13 साल के बच्चे ने कबाड़ से जुगाड़ कर एक ड्रोन कैमरा बनाया है। यह ड्रोन लगभग 100 मीटर ऊपर उड़ सकता है। ड्रोन को बनाने में केवल 50 से 100 रुपए का खर्च व 1 सप्ताह का ही समय लगा है।

करारमेटा गांव के रहने वाले दीपेश मरकाम (13) ने बताया कि वह शा.माध्यमिक शाला में कक्षा 8वीं में पढ़ाई करता है। बचपन मे उसके पिता जब भी उसके खिलौना लाते उसे वो तोड़ फोड़ कर दूसरा नया खिलौना बना देता था। एक दिन घर के बाहर बैठा था, जहां आसमान में एक एरोप्लेन को उड़ता हुआ इसने देखा। एरोप्लेन बनाने मन में ख्याल भी आया लेकिन उसके लिए सामान नहीं मिला। फिर दीपेश ने ड्रोन कैमरा बनाने का प्लान किया। महज 1 सप्ताह पहले ही कबाड़ से जुगाड़ कर ड्रोन बना दिया।

ड्रोन को बनाने में केवल 50 से 100 रुपए का खर्च व 1 सप्ताह का ही समय लगा है।
ड्रोन को बनाने में केवल 50 से 100 रुपए का खर्च व 1 सप्ताह का ही समय लगा है।

खराब फोन के कैमरे का किया इस्तेमाल
भास्कर से बातचीत में दीपेश ने बताया कि ड्रोन को बनाने के लिए बैटरी, मोटर समेत गाड़ियों में उपयोग किए जाने वाले एक दो अन्य सामान भी लगे हैं। साथ ही घर में एक खराब स्मार्ट फोन रखा हुआ था। उसके कैमरे को निकाल कर ड्रोन में लगाया है। ड्रोन का वजन एक किलो से भी कम है। फिलहाल इसका उपयोग खेलने के लिए कर रहा हूं। इधर, घर के ऊपर ड्रोन कैमरा उड़ता देख आस-पास के ग्रामीण और बच्चे भी इसे देखने पहुंच गए।

वैज्ञानिक बन देश के लिए मिसाइल बनाऊंगा
दीपेश ने कहा कि मेरे पिता संजीव मरकाम गांव के सरपंच हैं। मेरी पढ़ाई के लिए वो काफी मेहनत भी करते हैं। मैं बड़ा होकर वैज्ञानिक बनना चाहता हूं। साथ ही देश के लिए मिसाइल बनाने का काम करूंगा। ड्रोन कैमरा तो बना लिया हूं, लेकिन अब एक छोटा रिमोट कंट्रोल वाला प्लेन भी बनाऊंगा। सामान जुटा कर प्लेन बनाने की तैयारी भी कर रहा हूं।

दीपेश ने रिमोर्ड कंट्रोल से क्लास रूम में ही ड्रोन को उड़ा कर दिखाया।
दीपेश ने रिमोर्ड कंट्रोल से क्लास रूम में ही ड्रोन को उड़ा कर दिखाया।

ड्रोन लेकर स्कूल पहुंचा, शिक्षक बोले वैज्ञानिक आ गया
मंगलवार को केशकाल में ब्लॉक स्तरीय पढ़ाई तुंहर दुआर 2.0 कार्यक्रम रखा गया था। इस दौरान इलाके के बच्चे भी अपनी-अपनी प्रतिभाओं को निखारते विभिन्न तरह के मॉडल बनाए हुए थे। इस बीच दीपेश भी अपना ड्रोन कैमरा लेकर पहुंचा। जिसे देख शिक्षकों ने कहा कि हमारे गांव का वैज्ञानिक आ गया।

विधायक और प्रशासन को भी दिखाएंगे ड्रोन
स्कूल के एचएम तोरणलाल वर्मा ने कहा कि दीपेश स्कूल में ड्रोन कैमरा लेकर आया था। पहले यकीन नहीं हुआ कि यह उड़ेगा। जब दीपेश ने रिमोर्ड कंट्रोल से क्लास रूम में ही ड्रोन को उड़ा कर दिखाया तो सभी आश्चर्य रह गए। हमें यकीन नहीं हुआ कि 13 साल के बच्चे के अंदर इतनी बड़ी प्रतिभा छिपी हुई थी। ड्रोन कैमरे को स्थानीय विधायक व प्रशासन को भी दिखाएंगे।