समर्थन मूल्य पर खरीदी / 3 दिन हुई खरीदी, 3 जिलों के 1 भी किसान ने नहीं बेचा

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  • 20 फरवरी का टोकन रखे किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने दिया गया था 3 दिन का समय

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

जगदलपुर. समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को नुकसान से बचाने राज्य सरकार ने 20 फरवरी का टोकन कटाने वाले किसानों को बुधवार से शुक्रवार तक धान बेचने की सुविधा दी थी। इसके बाद भी किसान धान बेचने के लिए आगे नहीं आए। हालत यह रही कि संभाग के नारायणपुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जिले में तो एक भी किसान धान बेचने के लिए नहीं आया जबकि इन जिलों में 324 किसानों से धान खरीदा जाना था। 
किसानों के खरीदी केंद्रों तक नहीं पहुंचने के संबंध में जब खरीदी प्रभारियों से बात की गई तो अधिकतर ने कहा कि इससे पहले किसानों को 16 से 19 मार्च तक धान बेचने की सुविधा दी गई थी। उस समय भी जितने किसानों को धान बेचना था उतने केंद्र तक नहीं पहुंचे। इस बार तो पिछली बार से भी कम किसान केंद्रों में आए हैं। 
प्रभारियों ने कहा कि 17 मार्च के बाद अब जाकर किसानों को धान बेचने की सुविधा दी गई है। इस बीच कई किसानों ने अपना धान व्यापारियों को बेच दिया तो कुछ किसान लॉकडाउन के चलते आने वाली परेशानी से निजात पाने के लिए धान होते हुए भी बेचने के लिए तैयार नहीं है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के विपणन अधिकारी आरबी सिंह ने कहा कि किसान बड़ी संख्या में धान बेचने के लिए आएंगे। हर तरह की व्यवस्था धान खरीदी केंद्र में की गई थी।
किसानों ने  21 हजार 598 क्विंटल धान बेचा
तीन दिनों तक होने वाली धान की खरीदी में 662 किसानों ने 21 हजार 598 क्विंटल धान बेचा है । इसमें बस्तर जिले के किसानों ने 3413, बीजापुर के 129.2 , कांकेर के 3845 और कोंडागांव जिले के किसानों ने 14 हजार 210 क्विंटल धान बेचा है । जबकि इन किसानों से 1 लाख 55 हजार 446 क्विंटल धान खरीदा जाना था। इसमें भी सबसे अधिक खरीदी 72 हजार 804 क्विंटल केवल कोंडागांव जिले के किसानों से खरीदा जाना था। 

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