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ग्रामीणों के जीवन में होगा उजाला:दरभा के 3 गांव होंगे रोशन, इस महीने 571 घरों में पहुंच जाएगी बिजली

जगदलपुर8 दिन पहले
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जगदलपुर. कांदानार के लिए बिजली लाइन बिछाते कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
जगदलपुर. कांदानार के लिए बिजली लाइन बिछाते कर्मचारी।
  • छिंदगुर, कांदानार और मुंडागढ़ के हर घर को मिलेगी अंधेरे से आजादी, कांगेर घाटी की गोद में बसा यह क्षेत्र था नक्सलियों का ठिकाना

जिला मुख्यालय से लगभग 48 किलोमीटर दूर नक्सल प्रभावित दरभा ब्लॉक के कोलेंग क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले छिंदगुर, कांदानार और मुंडागढ़ गांव में रहने वाले 571 परिवारों को अब अंधेरे में नहीं रहना पड़ेगा। आजादी के 75 साल बाद इन गांवों में रहने वाले हर परिवार को अब बिजली की सुविधा मिलेगी। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के गोद में स्थित कोलेंग क्षेत्र के इन गांवों में रहने वाले लोग अब बिजली की सुविधा का लाभ 24 घंटे ले सकेंगे।

विद्युत वितरण कंपनी ने इस काम को लेकर 2016 में योजना बनाते हुए टेंडर भी कर दिया था। ठेकेदार भी इस काम को शुरू करने वाला था लेकिन तभी पता चला कि ये तीनों गांव नक्सल प्रभावित हैं जिसके बाद इस काम को निरस्त कर दिया गया। लेकिन राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना और ग्रामीणों की मांग पर कंपनी ने नवंबर 2020 में फिर से इस काम शुरू करवाया। काम शुरू होने के 10 महीने के बाद भी इस काम में किसी प्रकार की कोई रुकावट नहीं आई।

कंपनी के सहायक इंजीनियर सलीम खान ने कहा कि इस काम को सालभर में पूरा करने की योजना बनाई गई थी जो सफल रही है। उम्मीद है कि दरभा ब्लॉक के इन तीनों गांवाें में रहने वाले हर परिवार को बिजली की सुविधा सितंबर में मिल जाएगी।

तीन करोड़ रुपए हो रहे खर्च, सीआरपीएफ कैंप बनने से मिला फायदा
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत विद्युत लाइन विस्तार किया जा रहा है। तीन गांवों को रोशन करने में वितरण कंपनी तीन करोड़ खर्च कर रही है। इतने रुपए में 48 किलोमीटर दूर तक 11 किलोवाट की लाइन बिछाने के साथ ही 25 केवीए के 19 ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इसके साथ ही 42 किलोमीटर निम्न दाब लाइन बिछाने के साथ ही 571 घरों में मुफ्त विद्युत कनेक्शन दिया गया है। इधर दूसरी ओर सीएसईबी के अधिकारियों ने बताया कि यह सफलता उन्हें कोलेंग क्षेत्र में बनाए गए सुरक्षा कैंपों के बनने से मिली है। सहायक इंजीनियर ने बताया कि नक्सल प्रभावित इस इलाके में 2017 में सीआरपीएफ की 80वीं बटालियन के दो कैंप बनाए गए। जवानों द्वारा सुरक्षा दिए जाने से काम में तेजी आई है और ग्रामीणों को फायदा मिल रहा है। छिंगदुर के सरपंच बुधराम नाग ने कहा कि गांव के रोशन होने से गांव वाले खुश हैं। अब खेती किसानी से लेकर बच्चों की पढ़ाई में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी।

पढ़ाई और खेती किसानी में नहीं होगी परेशानी, अब अंधेरे से मिलेगी मुक्ति
कोलेंग क्षेत्र के इन तीन गांवों में बिजली पहुंचे से अब गांव के बच्चों को पढ़ाई में कोई परेशानी नहीं होगी तो वहीं दूसरी ओर किसान बिजली की सुविधा के चलते आसानी से खेती कर अपनी आय को बढ़ा सकेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि इन तीनों गांव के लोग सालों से सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे थे। यहां के लोगों की विकास कार्यों की मांग की आवाज को नक्सलियों ने लगातार दबाने की कोशिश की, जिसके कारण यह धुरवा जनजाति बाहुल्य यह सुंदर क्षेत्र विकास में लगातार पिछड़ता गया और लोगों का जीवन अत्यंत संघर्षमय होता गया। 10 महीने से क्षेत्र में नक्सली वारदात नहीं हुई है।

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