शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार:कोविड ड्यूटी में 370 शिक्षकों की मौत; न बीमा मिला, न अनुकंपा

जगदलपुर6 महीने पहले
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छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने राज्य सरकार पर शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार अपनाए जाने का विरोध करते हुए कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि अब तक प्रदेश में सैकड़ों शिक्षकों की मौत ड्यूटी के दौरान कोरोना पॉजिटिव होने के बाद हो चुकी है। ऐसे शिक्षकों की अब तक कोई सुध सरकार ने नहीं ली है।

एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवीण श्रीवास्तव, शिव सिंह चंदेल, राजेश गुप्ता, कमला शर्मा, भूमिका निषाद ने संयुक्त रूप से कहा कि कोरोना ड्यूटी में लगे 370 शिक्षकों की मौत के बावजूद सरकारी बीमा कवरेज और परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी गई है, जबकि दूसरे विभागों में कर्मचारियों को 50 लाख के बीमा का फायदा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों को प्रशासन ने अस्पताल, कोविड वैक्सीनेशन, कोरोना सैंपल लेने, चेक पोस्ट, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग, कोविड सेंटर, क्वारेंटाइन सेंटर, ग्राम निगरानी समिति, कोविड कंट्रोल रूम, नोनी काॅलसेंटर, ऑक्सीजन कंट्रोल रूम, डोर टू डोर सर्वे में ड्यूटी लगाई गई है। इसके बावजूद शिक्षकों को फ्रंटलाइन वर्कर्स नहीं माना है और न ही उन्हें सुविधाएं ही दी जा रही हैं।

एसोसिएशन के ताहिर शेख, अमित पाल, सुधीर दुबे, मंगल मौर्य, नीलमणि साहू ने कहा है कि अफसरों का आदेश मिलते ही शिक्षक अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं, लेेकिन जब शिक्षकों के हितों की बात आती है तो सरकार और प्रशासन के जिम्मेदार मुंह फेर लेते हैं।

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