नक्सलियों की दहशत के बीच 'फीलिंग वाला लव':6 दोस्तों के म्यूजिक ग्रुप ने हल्बी में बनाया गाना; हिंदी-इंग्लिश और छत्तीसगढ़ी में भी इनके गाने

जगदलपुर7 महीने पहले

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में बम धमाकों की आवाजों के बीच अब युवाओं की सिंगिंग की प्रतिभा भी निकलकर सामने आ रही है। नक्सल प्रभावित इलाके के युवा क्षेत्रीय बोली हल्बी में म्यूजिक वीडियो एल्बम बना रहे हैं। युवाओं के म्यूजिक वीडियो एल्बम को अब लोगों का भी खूब प्यार मिलने लगा है। हाल ही में सुकमा के 6 दोस्तों ने हल्बी बोली में 'फीलिंग वाला लव' वीडियो एल्बम रिलीज किया है। इसे इन्होंने बस्तरिया सॉन्ग नाम दिया है। 2 दिनों में ही इस वीडियो को 50 हजार लोगों ने देख लिया है। इससे पहले दिसंबर में रिलीज किए गए एक हल्बी सॉन्ग को 4 मिलियन से ज्यादा लोगों ने देखा था।

फीलिंग वाला लव का पोस्टर।
फीलिंग वाला लव का पोस्टर।

इस म्यूजिक ग्रुप के युवा अनुराग और विमल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि महज साल भर पहले ही 6 दोस्तों ने मिलकर एआर म्यूजिकल ग्रुप को खड़ा किया है। ये सभी युवा 22-23 साल के ही हैं। इनमें से एक म्यूजिक कंपोज करता है तो दूसरा वीडियोग्राफी में माहिर है। कोई एक्टिंग करता है तो किसी में डांस की प्रतिभा है। युवाओं ने बताया कि हिंदी, इंग्लिश से लेकर छत्तीसगढ़ी में तो बहुत से वीडियो एल्बम बनते हैं। लेकिन, वे कुछ अलग करना चाहते थे। इसलिए इन्होंने हल्बी में एल्बम बनाने की शुरुआत की। जो अब लोगों को खूब पसंद भी आ रहा है।

फीलिंग वाला लव' रोमांटिक सॉन्ग बनाया है।
फीलिंग वाला लव' रोमांटिक सॉन्ग बनाया है।

हल्बी बोली में रोमांटिक सॉन्ग है 'फीलिंग वाला लव'
बस्तर में सालों पहले जब क्षेत्रीय बोली में फिल्में बनती थी तो उस समय इस तरह के रोमांटिक सॉन्ग बेहद ही कम बनते थे। लेकिन अब बदलते समय के साथ ट्रेंड भी बदल रहा है। जिसे देखते हुए युवाओं ने भी हल्बी में 'फीलिंग वाला लव' रोमांटिक सॉन्ग बनाया है। इस गाने को लिखने के लिए युवाओं को काफी मेहनत करनी पड़ी थी। नक्सल प्रभावित गांव चिंतलनार का रहने वाला विमल इसमें लीड रोल में है। वहीं शहर की एक युवती को भी इन्होंने गाने में साथ लिया है। सोशल मीडिया पर भी फीलिंग वाला लव इन दिनों ट्रेंड पर है।

युवाओं ने कहा कि उन्हें इलाके की पहचान बदलनी है।
युवाओं ने कहा कि उन्हें इलाके की पहचान बदलनी है।

इलाके की पहचान बदलनी है
युवाओं ने बताया कि, सुकमा जिले की पहचान केवल नक्सलवाद के नाम से होती है। लोगों ने यहां केवल बम धमाकों की आवाज सुनी है। जब भी सुकमा या फिर बस्तर के बारे में अन्य शहरों के लोग बता करते हैं तो उनके जहन में सिर्फ नक्सलवाद आता है। हम अब इस पहचान को बदलना चाहते हैं। देश-दुनिया को बताना चाहते हैं कि यहां के टेलेंट भी छिपा हुआ है। युवाओं ने कहा कि, हल्बी वीडियो सांग्स को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खूब पसंद किया जा रहा है। लोगों से जो प्यार मिल रहा है उससे काम करने का एक अलग ही जोश आ रहा है।

यूट्यूब में व्यू भी बढ़ने लगे।
यूट्यूब में व्यू भी बढ़ने लगे।

यूट्यूब से होती है कमाई
युवाओं ने बताया कि, टीम के सभी सदस्य आर्थिक रूप से ज्यादा सक्षम नहीं है। शुरुआत में जब वीडियो एल्बम शूट करना होता था तो उसके लिए जो भी खर्च आता था तो सब मिल कर पैसे कलेक्ट करते। लेकिन, अब धीरे-धीरे लोगों का प्यार बढ़ता गया और यूट्यूब में व्यू भी बढ़ने लगे तो थोड़ी बहुत आमदनी हो जाती है। जिससे नए एल्बम में लगने वाला खर्च इसी से निकल जाता है और थोड़े बहुत पैसे बच भी जाते हैं।

खबरें और भी हैं...