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बीजापुर में बारिश में सड़क पर उतरे ग्रामीण:जवानों पर लगाया आरोप- छात्रावासों से बच्चों को उठाकर ले गए, नक्सली बताकर जेल में डाला; कहा- रिहाई होने तक जारी रहेगा आंदोलन

जगदलपुर5 महीने पहले
ग्रामीणों ने जवानों पर 3 छात्रों को जबरदस्ती उठाकर ले जाने का आरोप लगाया है।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में ग्रामीणों ने जवानों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने नाबालिग छात्रों को नक्सली बता कर उन्हें जेल भेजने का आरोप लगाया है। छात्रों की रिहाई के लिए गंगालूर पंचायत भवन में तोड़का और पालनार गांव के सैकड़ों ग्रामीण इकठ्ठा हुए। यहां बरसते पाने में भी वे प्रदर्शन करते रहे। प्रदर्शन अब भी जारी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक बच्चों की रिहाई नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ दिन पहले जवान 3 स्कूली छात्रों को अलग-अलग छात्रावास से उठाकर ले गए थे। 11 अगस्त को बीजापुर जिले के एक स्कूल में कक्षा 10वीं में पढ़ने वाले नाबालिग छात्र को DRG जवान पकड़ कर ले गए। उसे नक्सली बताकर जेल में डाल दिया। वह नाबालिग तोड़का गांव का रहने वाला है। ग्रामीणों ने 28 अगस्त को भी CRPF के जवानों के द्वारा चेरपाल गांव के पोटाकेबिन से कक्षा 5वीं और 8वीं के 2 छात्रों को पकड़ने का आरोप लगाया। इनमें एक कि उम्र 12 तो, दूसरे की उम्र 15 साल है। दोनों सावनार गांव के रहने वाले हैं।

बारिश के बीच प्रदर्शन करते ग्रामीण।
बारिश के बीच प्रदर्शन करते ग्रामीण।

गंगालूर पंचायत भवन में आंदोलन में कर रहे ग्रामीणों ने राज्यपाल के नाम बीजापुर तहसीलदार को ज्ञापन दिया है। ज्ञापन में कहा है कि इलाके में पुलिस जवान छात्रावास में घुसकर माओवादियों के नाम से बच्चों को डरा धमका रहे हैं। इसी वजह से बच्चों में अब भय का माहौल बना हुआ है। ऐसी परिस्थिति में अब बच्चों को पढ़ाना कठिन हो गया है। हम चाहते हैं कि आदिवासी बच्चे सुरक्षित वातावरण में रह कर अपनी पढ़ाई करें। इधर, बस्तर IG सुंददराज पी ने कहा कि मामले की जांच कर रहे हैं। जानकारी मिलते ही बताएंगे।

सुबह से माहौल गरमाया हुआ है
शुक्रवार की सुबह से ही गांगलूर में माहौल काफी गरमाया हुआ है। अपनी मांगों को लेकर आंदोलन में डटे ग्रामीणों ने सीधी चेतावनी दी है कि जब तक बच्चों को नहीं छोड़ेंगे, तब तक आंदोलन चलता रहेगा। तोड़का व पालनार पंचायत के अलावा आप-पास की और पंचायतों के लोग भी आंदोलन में शामिल हो सकते हैं। मांगे पूरी नहीं होने पर विशाल आंदोलन भी किया जाएगा।

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