अंतागढ़ को जिला न बनाने पर फूटा गुस्सा:दिनभर चला चक्काजाम आवागमन की परेशानी को देखते हुए शाम को खत्म हुआ; ग्रामीणों का धरना आंदोलन जारी

जगदलपुर3 महीने पहले
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ग्रामीणों ने कहा है कि कांग्रेस सरकार हमारी उपेक्षा कर रही है। - Dainik Bhaskar
ग्रामीणों ने कहा है कि कांग्रेस सरकार हमारी उपेक्षा कर रही है।

कांकेर जिले के अंतागढ़ को जिला नहीं बनाने के लिए सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए हैं। बुधवार सुबह करीब 9 बजे से ग्रामीणों ने अंतागढ़ के चौराहे पर तंबू गाड़ चक्काजाम कर दिया है। इससे अंतागढ़-भानूप्रतापपुर, अंतागढ़-कांकेर समेत अंतागढ़ से नारायणपुर मार्ग पूरी तरह से बंद है। प्रशासन की समझाइश के बाद शाम को चक्काजाम तो समाप्त कर दिया गया लेकिन धरना आंदोलन जारी रहेगा। ​​​​​​चक्काजाम में शामिल होने के लिए अंतागढ़ ब्लॉक के दर्जनों गांव के ग्रामीण पहुंचे थे। उन्होंने अनिश्चितकालीन चक्काजाम किया था। लोगों की आवागमन की परेशानी और प्रशासन की समझाइश के बाद चक्काजाम समाप्त किया गया।

सुबह से बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने चक्काजाम किया।
सुबह से बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने चक्काजाम किया।

15 अगस्त से गरमाया माहौल
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल ने 4 नए जिलों की घोषणा की थी। उसमें अंतागढ़ का नाम नहीं था। इलाके के लोगों का कहना है कि, वे पिछले 15 सालों से अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग कर रहे हैं। इससे पहले भी कई बार आंदोलन भी हुए हैं। आंदोलनकारियों ने कहा, कांग्रेस पर उन्हें थोड़ा भरोसा था कि सरकार बनते ही अंतागढ़ को जिला बनाएंगे। लेकिन CM की घोषणा में अंतागढ़ का नाम नहीं था। सरकार हमारी उपेक्षा कर रही है।

चक्काजाम समाप्त करने के साथ ही ग्रामीणों का अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।