बस्तर संभाग के कई जिलों में आज बरसेंगे बदरा:दंतेवाड़ा और कांकेर में अब तक औसत से कम बारिश, मौसम विभाग ने कहा- हल्की से मध्यम होगी बारिश

जगदलपुर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
बस्तर संभाग के कई जिलों में आज हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। - Dainik Bhaskar
बस्तर संभाग के कई जिलों में आज हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में सावन के महीने में भी बारिश नहीं हो रही है। संभाग के बस्तर, दंतेवाड़ा व कांकेर जिले से मानों मानसून रूठ गया है। इन तीनों जिलों में अब तक औसत से भी कम बारिश दर्ज की गई है। दंतेवाड़ा जिले में सबसे कम -34% , कांकेर में -33% तो वहीं बस्तर जिले में भी औसत से -31% कम बारिश दर्ज की गई है। बस्तर संभाग का सुकमा ही एक ऐसा जिला है जहां औसत से 56% ज्यादा बारिश हुई है, हालांकि मौसम विभाग ने आज संभाग के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना भी जताई है।

इन जिलों में होगी बारिश
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बस्तर संभाग के कांकेर, कोंडागांव व नारायणपुर जिले में आज बदरा बरसेंगे। इसके अलावा बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा व बीजापुर जिले के कुछ स्थानों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इन जिलों में 15.6 से 64.4 MM बारिश होने की संभावना है। संभाग के कुछ जिलों में रविवार की सुबह से हल्की बूंदाबांदी भी शुरू हो गई है, लेकिन कुछ जिलों में कभी धूप निकल रही है तो कभी काले बादल नजर आ रहे हैं। मौसम की आंख मिचौली भी देखने को मिल रही है, हालांकि इन जिलों में आज तापमान में कुछ खास उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिलेगा।

संभाग के इन जिलों में हुई इतनी बारिश

जिलाकितनी MM हुईकितनी MM होनी थीप्रतिशत कम/ज्यादा
बस्तर476.8689.5-31%
दंतेवाड़ा503.9790.6-34%
कांकेर500743.6-33%
सुकमा1018.7654.7+56%
कोंडागांव589.1665.3-11%
नारायणपुर704.1686.6+3%
बीजापुर670.1773.4-13%

ऐसे बन रहे बारिश के आसार
मौसम वैज्ञानिक एपी चंद्रा के अनुसार, एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश और उसके आसपास स्थित है। इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा 4.5 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। मानसून द्रोणिका बीकानेर, जयपुर, निम्न दाब के केन्द्र डाल्टनगंज, दीघा और उसके बाद पूर्व- दक्षिण-पूर्व की ओर होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है। एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा पश्चिम बंगाल और उससे लगे बांग्लादेश के ऊपर 2.1 किलोमीटर से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है।

किसानों के लिए एडवाइजरी

  • बड़ी मेडों में अगर अरहर की बोनी नहीं हुई हो तो तुरंत बोनी करने की सलाह दी गई है
  • किसानों को सलाह दी गई है कि बारिश का पानी खेतों में रोक कर रखा जाए।
  • धान रोपाई का कार्य 15 अगस्त तक पूर्ण करें उसके बाद रोपाई कार्य न करें अथवा एक स्थान पर 3-4 पौधे रोपें।
  • रोपा किए गए खेतों में लगभग 5 से.मी. से अधिक पानी रोककर न रखें
  • जिन किसानों ने अब तक धान की रोपाई का कार्य पूरा नहीं किया है वे प्रमुख जलाशयों से पानी छोड़ने जाने से वे धान की रोपाई का कार्य भी जल्द पूरा कर लें।
खबरें और भी हैं...