मिर्ची तोड़ने आंध्रप्रदेश गए मजदूरों को कैद किया:बस्तर से गए 15 मजदूरों में से 4 भागकर आए; ठेकेदार के आदमी वापस आने की बात पर कर रहे हैं पिटाई, विधायक ने पुलिस टीम भेजने कहा

जगदलपुर2 महीने पहले
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बस्तर जिले के 11 मजदूरों की आंध्र प्रदेश में बंधक बना कर बेदम पिटाई की जा रही है। - Dainik Bhaskar
बस्तर जिले के 11 मजदूरों की आंध्र प्रदेश में बंधक बना कर बेदम पिटाई की जा रही है।

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के 11 मजदूरों की आंध्र प्रदेश में बंधक बना कर बेदम पिटाई की जा रही है। उनके आधार कार्ड, ATM सहित अन्य दस्तावेज भी ठेकेदारों द्वारा ले लिए गए हैं। मजदूरों का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने काम न करने व घर जाने की बात कही थी। जिससे बौखलाए ठेकेदार ने सभी को बंधक बना लिया है। हालांकि कुल 15 में से 4 मजदूर भाग कर जगदलपुर लौटे हैं। जिन्होंने विधायक रेखचंद जैन व प्रशासन को इसकी जानकारी दी है। जल्द ही श्रम विभाग के अधिकारी व पुलिस जवानों की एक टीम बना कर आंध्र प्रदेश भेजने की तैयारी की जा रही है। यह टीम कब रवाना होगी फिलहाल इसे गोपनीय रखा गया है।

ठेकेदारों के चंगुल से भाग कर आए मजदूरों ने बताया कि, एक महिला ने उन्हें ज्यादा पैसों में काम दिलाने की बात कही और कुछ दिन पहले आंध्र प्रदेश लेकर गई थी। बस्तर के तीरथगढ़, पेरमापारा और मामड़गढ़ के लगभग 15 मजदूर महिला के साथ आंध्र प्रदेश के ओंगोली गए थे। जहां इनसे मिर्ची तोड़ने सहित अन्य काम करवाया जाता था। मजदूरों ने बताया कि, उन्हें दिन में 14 से 15 घंटे तक काम करवाया जाता था। बदले में न तो पैसे दिए जा रहे थे और न ही खाना। जब उन्होंने ठेकेदार से काम नहीं करेंगे बोले तो गुस्साए ठेकेदार ने सभी को एक अंधेरे कमरे में बंद कर उनकी बेदम पिटाई की। मजदूरों के कपड़े उतार कर मारा गया। पिछले 4-5 दिनों से 11 मजदूरों को बंदकर रखा गया है और पीटा जा रहा है।

80 किमी पैदल चले, फिर ट्रक में छिपकर पहुंचे जगदलपुर
जगदलपुर पहुंचे मजदूरों ने बताया कि, छिपते-छिपाते 4 लोग रात के अंधेरे में भाग गए। जंगल के रास्तों से लगभग 80 किमी का सफर तय करने के बाद जब मुख्य सड़क पर पहुंचे तो वहां से गुजर रही एक ट्रक को रुकवाया। ट्रक छत्तीसगढ़ की तरफ ही आ रही थी। फिर ट्रक के पीछे डाले में छिपकर चारों मजदूर बैठे गए थे। जगदलपुर पहुंचने के बाद सबसे पहले सभी विधायक रेखचंद जैन के पास पहुंचे, जिन्हें इसकी जानकारी दी थी। जानकारी मिली है कि प्रशासन के द्वारा एक टीम गठित की जा रही है। इस टीम के साथ मजदूरों को भी लेजाया जाएगा।

हर साल 50 हजार से ज्यादा मजदूर करते हैं पलायन
रोजी-रोटी की तलाश में मजदूरी का काम करने के लिए बस्तर से हर साल 50 हजार से ज्यादा मजदूर पलायन कर तेलंगाना व आंध्र प्रदेश जाते हैं। जहां वे मिर्ची तोड़ने का काम करते हैं। वहीं कई मजदूर केरल जा कर बोर गाड़ी में भी काम करते हैं। ज्यादातर मजदूर सुकमा, बीजापुर व दंतेवाड़ा जिले के होते हैं। क्योंकि यहां की सीमाएं इन दोनों राज्यों से लगी हुई है। मजदूरी का काम करने जाने के लिए ग्रामीण जंगल के रास्तों का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।