600 संविदा हेल्थ वर्कर्स को काम से निकाला:मेकाज के समाने धरने पर बैठे, कहा-3 साल तक काम करवाया, अब रोजी-रोटी छीनी

जगदलपुर5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
मेकाज और महारानी अस्पताल के 600 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। - Dainik Bhaskar
मेकाज और महारानी अस्पताल के 600 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है।

छत्तीसगढ़ के बस्तर के डिमरापाल मेडिकल कॉलेज(मेकाज) और महारानी अस्पताल में कार्यरत लगभग 600 संविदा कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। ये सभी हेल्थ वर्कर्स पिछले 3 साल से अधिक समय से अपनी सेवा दे रहे थे। काम से निकाले जाने के बाद सभी कर्मचारी डिमरापाल मेडिकल कॉलेज के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।

कर्मचारियों ने कहा कि, प्रशासन ने तुगलकी फरमान जारी किया और हमें नौकरी से निकाल दिया गया। उन्होंने कहा कि, नौकरी से निकाले जाने के बाद उनके सामने अब रोजी-रोटी का बड़ा संकट आ गया है। जब तक नौकरी में वापस नहीं रखा जाएगा तब तक वे धरने में बैठे रहेंगे।

दरअसल, साल 2018 में लगभग 600 हेल्थ कर्मचारियों की DMF मद के तहत भर्ती की गई थी। कोरोना काल में भी इन्होंने अपनी सेवा दी है। अचानक नौकरी से निकाले जाने के बाद सभी कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मेकाज के सामने धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि, जिन-जिन लोगों के कंधे पर पूरे परिवार का भार है वे अब सड़क पर आ गए हैं। परिवार बेघर होने की स्थित पर आ गया है। कई कर्मचारी ऐसे हैं जो आयु सीमा तक पहुंच गए हैं। यदि वे भी अब काम से बाहर हो जाएंगे तो उनके परिवार की जिम्मेदारी कौन उठाएगा। हमारी मांग है कि स्वास्थ्य विभाग हमें नौकरी पर वापस रखे।

सभी कर्मचारी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर बैठे हैं ।
सभी कर्मचारी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर बैठे हैं ।

अस्पताल में बिगड़ी स्वास्थ्य व्यवस्था
लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स और वार्ड बॉय समेत इतनी बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने के बाद बस्तर संभाग के सबसे बड़े डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। स्टाफ नर्स और वार्ड बॉय के अभाव में मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। तुरंत इलाज भी नहीं मिल पा रहा है। वहीं कर्मचारियों के आंदोलन में चले जाने से अस्पताल में सबसे जरूरी सेवा लैब, कोरोना जांच, सफाई व्यवस्था, डायलिसिस और सिटी स्कैन जैसे कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो गए हैं।

अस्पताल में नहीं हो रही कोई परेशानी- अधीक्षक
इधर, डिमरापाल अस्पताल अधीक्षक टिंकू साहू ने कहा कि, 31 दिसंबर तक काम करने के लिए कहा गया था। लेकिन सभी कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है। कोरोना जांच में थोड़ी प्रॉब्लम जरूर आई थी, अब पहले की ही तरह जांच हो रही है। अस्पताल में अभी 158 स्टाफ नर्स और 146 वार्ड बॉय हैं जो काम पर लगे हुए हैं। मरीज और उनके परिजनों को किसी तरह को कोई समस्या नहीं हो रही है।