आस्था ने रोका 'विकास' का रास्ता:NH-130D के चौड़ीकरण में ग्रामीणों का देव स्थल, नारायणपुर के बांस जंगल की पीढ़ियों से कर रहे पूजा

जगदलपुरएक वर्ष पहले
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दर्जनों गांव के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। - Dainik Bhaskar
दर्जनों गांव के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में NH-130D के चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है। चौड़ीकरण में ग्रामीणों के देव स्थल का हिस्सा भी आ रहा है। जिसको लेकर अब अबूझमाड़ के ग्रामीण लामबंद हुए हैं। अबूझमाड़ के कोडकानार में बांस के घने जंगलों को यहां के ग्रामीण अपना देव स्थल मानते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे 12 पीढ़ियों से देव स्थल में पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं। साथ ही धार्मिक कार्यों के लिए यहां के बांस का उपयोग किया जाता है। यहां के बांस से जात्रा में देव ध्वज लगाया जाता है। जिसे देव डांग भी कहा जाता है।

सैकडों की संख्या में ग्रामीण कस्तूरमेटा गांव में एकत्रित हुए।
सैकडों की संख्या में ग्रामीण कस्तूरमेटा गांव में एकत्रित हुए।

पारंपरिक हथियारों के साथ 3 परगना के लोग देव स्थल को बचाने के लिए विरोध कर रहे हैं। दरअसल, नारायणपुर जिला मुख्यालय से अबूझमाड़ में स्थित कुतुल तक NH-130D का चौड़ीकरण किया जाना प्रस्तावित है। कई जगहों पर काम भी शुरू हो गया है। सड़क चौड़ीकरण की चपेट में आ रहे पेड़ों की मार्किंग की गई है। ग्रामीणों के देव स्थल बांस का जंगल भी चौड़ीकरण के दायरे में आ रहा है। विभाग ने बांस का जंगल काटने की मार्किंग भी की है। जिसको लेकर अब ग्रामीण विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

धार्मिक ध्वज लेकर महिलाएं भी पहुंची।
धार्मिक ध्वज लेकर महिलाएं भी पहुंची।

कस्तूरमेटा गांव में किया विरोध
ग्रामीणों को जब उनके देव स्थल के काटने की भनक लगी तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। सैकडों की संख्या में ग्रामीण कस्तूरमेटा गांव में एकत्रित हुए। यहां रैली निकाल कर कोडकानार स्थित देव बांस के जंगल स्थल पर पहुंचे। जंहा पर सैकड़ो ग्रामीणों की उपस्थिति में देव बांस के जंगल को बचाने की रणनीति बनाई गई। जिसमें निर्णय लिया गया कि अबूझमाड़ के सैकड़ो ग्रामीणों का एक प्रतिनिधि मंडल जिला मुख्यालय आकर जिला प्रशासन को देव बांस का जंगल नहीं काटने के लिए ज्ञापन देगा। इसके बावजूद यदि प्रशासन के द्वरा आस्था के स्थल को बचाने किसी तरह का कोई कदम नहीं उठाया जाता है तो ग्रामीण उग्र आंदोलन पर उतारू होंगे।