मालेवाही में IED ब्लास्ट, भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट:मजदूरी के लिए जा रहे थे आंध्र प्रदेश, रास्ता न भटकें, इसलिए गूगल मैप का सहारा लिया; घायलों ने ढाई किमी पैदल चलकर कैंप में दी जानकारी

जगदलपुर/दंतेवाड़ा5 महीने पहले
नक्सलियों के द्वारा कमांड IED ब्लास्ट किया गया, जिसकी चपेट में आने से 11 मजदूर घायल तो वहीं 1 की मौत हो गई है।

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर-दंतेवाड़ा स्टेट हाईवे पर गुरुवार सुबह नक्सलियों ने मजदूरों से भरे एक वाहन को निशाना बनाया है। नक्सलियों के कमांड IED ब्लास्ट करने से चपेट में आकर एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि 11 घायल हो गए हैं। सारे मजदूर रोजी-रोटी की तलाश में राजनांदगांव से आंध्रप्रदेश जा रहे थे। रास्ता न भटकें इस लिए इन्होंने गूगल मैप का सहारा लिया था। वहीं 3 अगस्त को नक्सलियों का शहीदी सप्ताह भी खत्म हुआ है। इस दौरान उन्होंने पर्चा जारी कर किसी भी ग्रामीण को अंदरूनी इलाके में आने से मना कर रखा था। घटना के बाद CRPF, STF व DRG के सर्चिंग कर रहे हैं।

ब्लास्ट से सड़क के बीच लगभग ढाई फीट का गड्ढा हो गया है।
ब्लास्ट से सड़क के बीच लगभग ढाई फीट का गड्ढा हो गया है।

जानकारी मिली है कि नक्सलियों के पूर्वी बस्तर डिवीजन कमेटी के सदस्य सुबह 3:30 बजे से सड़क से 50 से 60 मीटर की दूरी पर स्थित एक बरसाती नाले में छिप कर बैठे थे। यहां 10 किलो की IED लगा रखी थी। गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे जैसे ही इस मार्ग पर मजदूरों से भरा बोलेरो निकला, नक्सलियों ने ब्लास्ट कर दिया। वाहन के पीछे की तरफ का किनारे का हिस्सा चपेट में आया। बारिश की वजह से मिट्टी गीली थी इसलिए ब्लास्ट से ज्यादा नुकसान नहीं हो सका। वाहन पर काले रंग का त्रिपाल होने के कारण नक्सलियों ने पुलिस वाहन के संदेह में निशाना बनाने की आशंका है।

नक्सलियों ने यहां 10 KG की कमांड आईईडी लगा कर रखी थी।
नक्सलियों ने यहां 10 KG की कमांड आईईडी लगा कर रखी थी।

घायल मजदूरों ने कैंप पहुंच कर दी जानकारी
नारायणपुर-दंतेवाड़ा मार्ग पर नक्सलियों ने जिस पुल पर IED प्लांट कर रखी थी वहां से महज ढाई किमी की ही दूरी पर सुराक्षा बलों का कैंप स्थित है। घटना स्थल से एक ओर बोदली कैंप तो वहीं दूसरी तरफ मालेवाही कैंप स्थित है। ब्लास्ट की चपेट में आए मजदूर घायल हालत में बोदली कैंप पहुंचे और जानकारी जवानों को दी। बोदली कैंप के जवानों ने मालेवाही कैंप से संपर्क किया और मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी लगते ही दंतेवाड़ा के SP डॉ अभिषेक पल्लव भी स्पॉट पर पहुंचे। घायलों को एम्बुलेंस व पुलिस वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया।

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सड़क से महज 50 से 60 मीटर की दूरी पर स्थित इसी बरसाती नाला में 3:30 बजे से नक्सली छिप कर बैठे हुए थे।
सड़क से महज 50 से 60 मीटर की दूरी पर स्थित इसी बरसाती नाला में 3:30 बजे से नक्सली छिप कर बैठे हुए थे।

पर्चा जारी कर कहा था कोई ग्रामीण न आए
28 जुलाई से 3 अगस्त तक नक्सली अपना शहीदी सप्ताह मना रहे थे। इस दौरान नारायणपुर-दंतेवाड़ा मार्ग में नक्सलियों के टारगेट में जवान थे। यहां दोनों जिलों को जोड़ने के लिए सुराक्षा व्यवस्था के बीच सड़क निर्माण का काम चल रहा है। नक्सलियों की पूर्वी बस्तर डिवीजन कमेटी ने महज 4 दिन पहले ही इसी जगह सड़क को काट कर बैनर बांधा था। सुराक्षबलों ने गड्ढों को भर कर मार्ग भी बहाल करवा दिया था। फिर नक्सलियों ने इसी जगह 10 किलो की कमांड IED प्लांट कर दी। नक्सलियों ने पर्चा जारी कर बस्तर के किसी भी अंदरूनी इलाके में ठेकेदारों को व बाहर के ग्रामीणों को आने से भी मना किया था।

रोजाना दंतेवाड़ा- नारायणपुर मार्ग से सैकड़ों ग्रामीण आना-जाना करते हैं।
रोजाना दंतेवाड़ा- नारायणपुर मार्ग से सैकड़ों ग्रामीण आना-जाना करते हैं।

15 गांवों को नक्सल मुक्त करने से नक्सलियों में है बौखलाहट
पिछले 1 साल में बस्तर में सबसे ज्यादा नुकसान नक्सलियों को दंतेवाड़ा जिले में हुआ है। यहां लोन वर्राटू अभियान ने नक्सलियों की जबरदस्त कमर तोड़ दी है। वहीं पुलिस अब जिले के 15 गांवों को नक्सल मुक्त करने की तैयारी में है। इससे पहले उन गांवों का सर्वे भी करवाया जा रहा है। दंतेवाड़ा जिले में लाल आतंकियों का वर्चस्व खत्म होते देख इनमें बौखलाहट दिख रही है। दंतेवाड़ा SP डॉ अभिषेक पल्लव ने बताया कि शहीदी सप्ताह में नक्सली सुराक्षबलों को नुकसान नहीं पहुंचा सके इस लिए वे अब ग्रामीणों पर हमला कर रहे हैं।