दंडकारण्य के 500 नक्सलियों ने लगवाई वैक्सीन:आंध्र-तेलंगाना से होती है सप्लाई, पुलिस का दबाव, इसलिए छत्तीसगढ़ की दवाइयों पर संदेह

जगदलपुर6 महीने पहलेलेखक: लोकेश शर्मा

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में गुरुवार को पुलिस के सामने नक्सली दंपती ने सरेंडर किया है। 5 लाख रुपए के पुरूष माओवादी ने भास्कर से कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। नक्सली पोज्जा ने बताया कि, दंडकारण्य के 450 से 500 नक्सली कोरोना की वैक्सीन लगा चुके है। नक्सली हिड़मा, सुजाता, विकास, रघु समेत कई नक्सलियों को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है। तेलंगाना के बड़े लीडरों ने ही वैक्सीन की छत्तीसगढ़ में सप्लाई की है। अब CG की दवाइयों पर नक्सली शक करने लग गए हैं। इसलिए आंध्र और तेलंगाना से दवाई मंगवाते हैं।

पोज्जा ने कहा कि, नक्सली कमांडर हिड़मा बिल्कुल स्वस्थ है। उसे कोरोना समेत गंभीर बीमारी के शिकार होने की केवल अफवाह उड़ाई गई थी। लेकिन 25 लाख रुपए की इनामी नक्सली सुजाता ब्लड प्रेशर, शुगर समेत कई बड़ी बीमारियों से जूझ रही है। सुजाता के लिए भी आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से दवाइयां आती है। दवाई सप्लाई करने के लिए नक्सलियों का एक बड़ा सर्कल काम करता है। PLGA के डॉक्टर भी समय-समय पर सभी बड़े लीडरों के स्वास्थ्य की जांच करते रहते हैं। इसने बताया कि, तेलंगाना के बड़े लीडर कोरोना की वैक्सीन कहां से ला रहे हैं इसकी जानकारी नहीं है।

दवाइयों की सप्लाई करने में CG में होती है परेशानी
सरेंडर नक्सली ने बताया कि, छत्तीसगढ़ की दवाइयों पर संगठन को शक होता है। क्योंकि पुलिस उनके सप्लाई चेन में दस्तक दे चुकी है। बड़े लीडरों को शक होता ही कि कहीं पुलिस दवा और राशन में कुछ मिलावट कर सप्लाई न करवा दें। वहीं दूसरी तरफ बड़े लीडरों तक दवा पहुंचाने के रास्ते छत्तीसगढ़ से बंद हो गए हैं। क्योंकि फोर्स का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

गणेश उइके को भेजा गया है राजनांदगांव
दंडकारण्य के हार्डकोर इनामी नक्सली गणेश उईके को पार्टी विस्तार करने के लिए साल 2020 में ही राजनांदगांव इलाके में भेजा गया है। राजनांदगांव इलाके में युवक-युवतियों को संगठन से जोड़ने के लिए गणेश उइके इलाकों में काम करेगा। वहीं दंडकारण्य इलाके की जिम्मेदारी सुजाता और हिड़मा को सौंपी गई है।

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