पुसनार कैंप के विरोध में लामबंद हुए ग्रामीण:नक्सली बता कर ग्रामीणों को गोली मारने का पुलिस पर लगाया आरोप, गांव में स्कूल, अस्पताल खोलने की मांग की

जगदलपुर/बीजापुर3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
सोमवार को 6 गांव के सैंकड़ों ग्रामीण पुसनार पुलिस कैंप के विरोध में बीजापुर के गंगालूर में लामबंद हुए। - Dainik Bhaskar
सोमवार को 6 गांव के सैंकड़ों ग्रामीण पुसनार पुलिस कैंप के विरोध में बीजापुर के गंगालूर में लामबंद हुए।

सिलगेर में स्थापित नवीन पुलिस कैंप का विरोध थोड़ा ठंडा हुआ ही था कि अब पुसनार पुलिस कैंप के विरोध की आग भड़कने लग गई है। सोमवार को 6 गांव के सैंकड़ों ग्रामीण कैंप के विरोध में बीजापुर के गंगालूर में लामबंद हुए। ग्रामीणों ने कहा कि पुसनार में पुलिस कैंप खोलने का निर्णय वापस लिया जाए व सड़क निर्माण का काम बंद करें। यदि निर्माण काम बंद नहीं होता है तो ग्रामीणों ने सिलगेर की तरह बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी भी दे दी है।

आरोप- शिकार करने जाते हैं तो पुलिस गोली मार देती है

पुसनार पुलिस कैंप के विरोध में गंगालूर में इकठ्ठा हुए ग्रामीणों ने कहा कि हमें पुलिस कैंप नहीं चाहिए, हम अभी सुकून की जिंदगी जी रहे हैं। पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि गांव के लोग तीर-धनुष लेकर जंगल में शिकार के लिए जाते हैं। कैंप खुलने के बाद पुलिस भी जंगलों में घुसेगी और ग्रामीणों को नक्सली बता कर गोली मार देगी। इसलिए हमें गांव में न कैंप चाहिए और न ही सड़क। ग्रामीणों ने सुरक्षबलों पर कोरोना फैलाने का आरोप भी लगाया है।

गंगालूर में कैंप के विरोध में जुटे ग्रामीणों ने प्रशासन से इलाके में स्कूल, अस्पताल व राशन दुकान खोलने की मांग की है।
गंगालूर में कैंप के विरोध में जुटे ग्रामीणों ने प्रशासन से इलाके में स्कूल, अस्पताल व राशन दुकान खोलने की मांग की है।

स्कूल, अस्पताल व राशन दुकान की मांग

गंगालूर में कैंप के विरोध में जुटे ग्रामीणों ने प्रशासन से इलाके में स्कूल, अस्पताल व राशन दुकान खोलने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि हमें राशन दुकान चाहिए, ताकि हमें गांव में ही राशन मिल सके। अस्पताल खुलने से हमें स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। वहीं स्कूल भवन का निर्माण करवाने की भी मांग की गई है। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक हमारी मांगे पूरी होगी हम आंदोलन में डटे रहेंगे।

SDM ने गांव में 5 राशन दुकान खोलने की दी स्वीकृति

राशन दुकान खोलने की ग्रामीणों की मांग पर SDM देवेश ध्रुव में तुरंत कार्यवाही करते हुए 5 अंदरूनी गांवों में शा.उ.मूल्य की दुकान खोलने की स्वीकृति दे दी है। इनमें से तोड़का, पीडिया, पालनार, पुसनार, बुरजी में जल्द ही राशन दुकान के लिए भवन निर्माण का काम भी किया जाएगा। राशन दुकान की मांग पूरी होने के बाद ग्रामीणों वापस घर लौट गए हैं। लेकिन कैंप हटाने की मांग अभी पूरी नहीं हुई।

डेढ़ महीने के अंदर कैंप का तीसरा विरोध

बस्तर के अंदरूनी इलाके में पुलिस लगातार अपनी पैठ जमा रही है। वहीं बीजापुर व सुकमा जिले की सरहद पर स्थित सिलगेर में सुरक्षबलों का कैंप स्थापित हो गया है। यहां कैंप को हटाने के लिए लगभग 1 महीने तक ग्रामीणों का आंदोलन चलता रहा। वहीं दंतेवाड़ा जिले के धुर नक्सल प्रभावित इलाके नहाड़ी में भी पुलिस कैंप खुलना है। कैंप खुलने की भनक लगते ही ग्रामीण कैंप खुलने के निर्णय को वापस लेने के लिए आंदोलन किए। डेढ़ महीने के अंदर पुसनार में यह तीसरा आंदोलन है।

खबरें और भी हैं...