नोटिस जारी:निगम का 7 करोड़ का बिजली बिल बकाया 31 तक मोहलत, फिर पानी सप्लाई होगी ठप

जगदलपुरएक महीने पहले
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शहर में 24 सरकारी विभागों के कुल 564 कनेक्शनों से जो बिजली उपयोग की गई है, उसका 8.54 करोड़ रुपए का बिल बकाया है। सामान्य यानि निजी व घरेलू कनेक्शनों के भी 5.18 करोड़ रुपए का बकाया है। कुल मिलाकर सिर्फ शहर में कुल 13.72 करोड़ रुपए का बिल बकाया है। इनमें सबसे बड़ा बकायादार नगर निगम है, जिसे कुल 7.19 करोड़ रुपए का बकाया है। बिजली कंपनी ने निगम को 31 दिसंबर तक भुगतान करने की मोहलत दी है।

यानी अगर नए साल से लाइन काटी तो शहर की सड़कों पर न तो स्ट्रीट लाइटें जलेंगी और न ही शहर के 35 हजार से ज्यादा घरों तक पानी पहुंच पाएगा। दरअसल, निगम टैक्स वसूली में भी पीछे है इसलिए भुगतान नहीं कर पा रहा। अब बिजली कंपनी के अफसरों पर भी इसका दबाव बढ़ने लगा है। कंपनी ने बकायेदारों को नोटिस जारी कर भुगतान करने कहा है, लेकिन 31 दिसंबर तक भुगतान नहीं करते तो बिजली लाइन काटने की कार्रवाई की चेतावनी भी दे दी गई है।

पानी सप्लाई में खर्च हुई 4.61 करोड़ की बिजली
नगर निगम ने अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग-अलग कनेक्शन लिए हुए हैं। इसमें जहां अकेले नगर निगम दफ्तर का ही 37 लाख 10 हजार 226 रुपए का बिल बकाया है, वहीं स्ट्रीट लाइटों के 85 कनेक्शनों की एवज में 2 करोड़ 20 लाख 64 हजार 486 रुपए का बिल निगम को मिला है, वहीं निगम के वाटर वर्क्स के लिए 125 कनेक्शनों से 4 करोड़ 61 लाख 16 हजार 319 रुपए की बिजली का उपयोग किया गया है।
अब तक इस बकाया राशि का भुगतान ही नहीं किया गया है। ऐसे में बीते दिनों जहां बिजली कंपनी ने स्ट्रीट लाइटों की लाइन काट दी थी, जिसके 2 दिनों बाद निगम ने 29 लाख रुपए समायोजित करने की मांग की थी, लेकिन निगम के 7.18 करोड़ के बकाये में 29 लाख का समायोजन कैसे और किस तरह किया जाए, इसे लेकर अफसर भी माथापच्ची में लगे हुए हैं।

बकायेदारों को दिया नोटिस, लेकिन कई लोग भुगतान ही नहीं कर रहे
बकायेदारों को नोटिस जारी कर उन्हें जल्द से जल्द बिल का भुगतान करने के निर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन इस पर उपभोक्ता, न तो निजी और न ही सरकारी विभाग गंभीर हो रहे हैं। इन हालातों में आने वाले दिनों में बिजली कंपनी बकायेदारों के कनेक्शन काटने की तैयारी कर सकती है।

सिर्फ शहर के ही दफ्तरों का 8.54 करोड़ का बिजली बिल बकाया
सरकारी दफ्तरों में धड़ल्ले से बिजली का उपयोग किया जा रहा है। सरकारी दफ्तरों का बकाया बिल भुगतान करने में अफसरों की गंभीरता नहीं दिखती। अकेले शहर के ही 24 विभागों के दफ्तरों में ही 8.54 करोड़ की बिजली जलाई गई, जो अब भी बकाया बना हुआ है।

31 दिसंबर तक दी मोहलत, भुगतान नहीं किया तो काटेंगे लाइन: ईई
बिजली कंपनी के ईई शहरी पीके अग्रवाणी ने बताया शहर के सरकारी विभागों के कुल 8.54 करोड़ रुपए बकाया हैं, जिनके भुगतान के लिए विभाग प्रमुखों को नोटिस जारी किया है। वहीं अकेले निगम का 7 करोड़ से ज्यादा का बकाया है। उन्हें 31 दिसंबर तक की मोहलत दे दी गई है। पूर्व में दो दिनों के लिए स्ट्रीट लाइट की बिजली काटी थी।

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