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किसानों का दर्द:कम बारिश से जिले में 12110 हेक्टेयर में लगी फसल को नुकसान

जगदलपुर5 दिन पहले
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  • राजस्व और कृषि विभाग की रिपोर्ट में खुलासा, फसलों की क्षति के कारण उत्पादन भी कम होने के आसार

जिले में इस साल हुई कम बारिश के कारण धान और मक्के की फसल बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई है। बस्तर जिले के 6 ब्लॉक में धान की फसल को ज्यादा नुकसान हुआ है। इस बात का खुलासा राजस्व विभाग के द्वारा बनाई गई रिपोर्ट से सामने आया है।

जानकारी के मुताबिक राजस्व विभाग के अधिकारियों ने अनियमित और खंड बारिश के कारण होने वाले नुकसान को लेकर सामूहिक रूप से जांच कर यह रिपोर्ट तैयार की थी। इस रिपोर्ट के अनुसार बस्तर जिले में करीब 12 हजार 100 हेक्टेयर में लगी धान और मक्के की फसल को नुकसान हुआ है। इसमें भी धान का रकबा जहां 12 हजार 76 तो वहीं मक्के का रकबा केवल 34 हेक्टेयर ही है। इसके आलवा मक्के की खेती केवल जगदलपुर और तोकपाल में प्रभावित हुई है। इसमें कमाेबेश जगदलपुर ब्लॉक में 19 तो तोकापाल ब्लॉक में 15 हेक्टेयर मक्के की खेती प्रभावित हुई है। उपसंचालक कृषि विकास साहू ने कहा कि फसलों की क्षति के बाद उत्पादन कम होगा जिसके कारण किसानों को परेशानी होगी।

कम बारिश से फसलों की क्षति की यह स्थिति (आंकड़े हेक्टेयर में)

ब्लॉक राजस्व ग्राम धान का रकबा फसल क्षति मक्का फसल क्षति
जगदलपुर - 124 - 14617 - 3013 - 1845 - 15
बस्तर - 112 - 29188 - 138 - 4905 - 00
तोकापाल - 70 - 13349 - 70 - 1090 - 19
लोहंडीगुड़ा - 83 - 6448 - 231 - 1652 - 00
बकावंड - 109 - 26462 - 7938 - 2602 - 00
बास्तानार - 42 - 13700 - 665 - 600 - 00
दरभा - 56 - 10707 - 00 - 994 - 00

सबसे अधिक खेती बस्तर ब्लॉक में तो नुकसान बकावंड में

अल्प बारिश के कारण धान की खेती 12 हजार 76 हेक्टेयर में प्रभावित हुई है। जिस समय यह रिपोर्ट तैयार की गई उस समय तक बस्तर जिले में धान की खेती 1 लाख 14 हजार 471 हेक्टेयर में धान की खेती की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार नुकसान को लेकर आंकलन के बाद पाया गया धान की खेती सबसे अधिक बस्तर तो वहीं नुकसान बकावंड ब्लॉक में हुआ है। जानकारी के मुताबिक बस्तर ब्लॉक में इस साल धान की खेती 29 हजार 188 हेक्टेयर में की गई है। यहां पर फसल क्षति 138 हेक्टेयर में हुई है। जबकि बकावंड ब्लॉक में इस साल धान की खेती 26 हजार 462 हेक्टेयर में की गई है। इस ब्लॉक में 7938 हेक्टेयर में लगी धान की फसल प्रभावित हुई है। अन्य ब्लाकों में नुकसान 71 से लेकर 3013 हेक्टेयर तक है।

कोदो-कुटकी की फसल को कोई नुकसान नहीं

अनियमित और खंड बारिश के कारण खरीफ सीजन में फसलों की क्षति को लेकर जो रिपोर्ट बनाई गई है। उसमें राहत की बात यह है कि जिले में कोदो और कुटकी की फसल को कोई नुकसान नहीं हुआ है। जानकारी के अनुसार बस्तर जिले के 2 ब्लाकों में इस साल खरीफ के सीजन में कोदो और कुटकी की खेती 4 हजार 387 हेक्टेयर में की गई है। जिसमें सबसे अधिक खेती 1755 हेक्टेयर केवल लोहंडीगुड़ा ब्लॉक में की गई है। इसके अलावा अन्य ब्लॉकों में यह 21 से लेकर 1381 हेक्टेयर शामिल है।​​​​​​​

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