कर्ज पटाना हुआ आसान:4 दिन में धान बेच किसानों को मिले 14 करोड़, इसी से बैंक के 6 करोड़ भी चुकाए

जगदलपुरएक महीने पहले
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जगदलपुर. पल्ली धान खरदी केद्र में धान बेचते किसान। - Dainik Bhaskar
जगदलपुर. पल्ली धान खरदी केद्र में धान बेचते किसान।

जिले में पिछले चार दिनों में ही समर्थन मूल्य पर किसानों से 14 करोड़ 73 लाख 32 हजार रुपए से अधिक का धान सहकारी समितियों द्वारा खरीदा जा चुका है। जिले के 64 धान खरीदी केंद्रों में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की सभी व्यवस्थाओं से किसानों में धान बेचने के लिए खासा उत्साह है। पिछले 4 दिनों में 1862 किसानों ने अपना धान बेच दिया है। शुरुआती चार दिनों में जिले में 75 हजार 858 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। इतने दिनों में किसानों से 67 हजार 531 क्विंटल मोटा और 8 हजार 327 क्विंटल पतला धान खरीदा गया है।

सहकारी समितियों में शासकीय अवकाश के दिनों को छोड़कर सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार तक धान की खरीदी होगी। इसके लिए किसानों को रविवार से शुक्रवार तक सुबह साढ़े 9 बजे से शाम पांच बजे तक टोकन जारी किया जा रहा है। चार दिनो में अंदर होने वाली धान खरीदी में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक ने सहकारी समितियों के जरिए दिए जाने वाले कर्ज में से अब तक 6 करोड़ 55 लाख 6 हजार 995 रुपए की वसूली कर ली है।

इस तरह से लिंकिंग में की जाने वाली धान की खरीदी का फायदा किसानों व सहकारी समितियों के संचालकों को हो रहा है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य पर्यवेक्षक ए रजा ने कहा कि किसानों को समितियों के माध्यम से दिए जाने वाले कर्ज की वसूली लिंकिंग के रूप में ज्यादा होती है। किसान भी इस विधि से कर्ज पटाने में ज्यादा रुचि ले रहे हैं। जिसके चलते यह विधि काफी कारगर साबित होती है।

22 हजार 811 किसानों को 107 करोड़ 45 लाख रुपए का मिला कर्ज
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक किसानों को बिना ब्याज के कर्ज दे रहा है। अधिक से अधिक किसानों को बैंक की इस योजना का लाभ मिले इसके लिए किसानों को बैंक सहकारी समितियों का सहारा लिया जा रहा है। बैंक से मिली जानकारी के मुताबिक इस साल बैंक ने सहकारी समितियों के जरिए बस्तर जिले के 22 हजार 811 किसानों को 107 करोड़ 45 लाख रुपए का कर्ज दिया है।
इस कर्ज को बैंक मार्च तक वसूलता है। इस साल कर्ज की वसूली 80 फीसदी से अधिक हो इसके लिए लगातार कर्ज की वसूली लिंकिंग के माध्यम से की जा रही है। लैंपस मैनेजर दीनमणी जोशी ने कहा कि किसानों को दिए जाने वाले कर्ज की वसूली लिंकिंग में की जाती है। लिंकिंग में जितने रुपए किसान को कर्ज के रूप में दिए जाते हैं उतने रुपए देने से पहले काट लिए जाते हैं। इसके बाद बची हुई राशि उसके खाते में जमा कर दी जाती है। इस तरह से हाेने वाली वसूली में अधिकतर किसानों से वसूली हो जाती है।

कॉमन 1940 तो ए ग्रेड धान 1960 रुपए में बिक रहा
जिले के धान खरीदी केन्द्रों में कॉमन धान 1940 रुपए प्रति क्विंटल और ए ग्रेड धान 1960 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। इस बार किसानों से एक दिसंबर 2021 से 31 जनवरी 2022 तक नकद और लिंकिंग में धान की खरीदी की जाएगी। जिले के किसानों से अधिकतम 15 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा तक धान खरीदा जा रहा है।
खरीदी केंद्रों पर धान बेचने आने वाले किसान भी इस बार काफी उत्साहित हैं। बाबूसेमरा में धान बेचने के लिए किसान बलीराम ने बताया कि वे अपना 70 क्विंटल धान लेकर समर्थन मूल्य पर बेचने खरीदी केंद्र में आए हैं। उन्होंने बताया कि टोकन कटने में कोई परेशानी नहीं हो रही है पूरा धान एक साथ बिक गया है और समिति प्रबंधक ने इसकी राशि भी तीन-चार दिनों में बैंक खाते में जमा होने की बात कही है।

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