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पहली बार 1 हजार किसानों ने की गेंदे की खेती:उद्यानिकी विभाग ने 40 लाख से बनाई योजना, किसान अब गेंदा फूल की खेती से बनेंगे आत्मनिर्भर, विभाग से मिले हैं मुफ्त बीज

जगदलपुर9 दिन पहले
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तारापुर की किसानों ने खेत में लगाए हैं गेंदे के पौधे - Dainik Bhaskar
तारापुर की किसानों ने खेत में लगाए हैं गेंदे के पौधे

धान व मक्का की खेती के बाद जिले के किसान अब गेंदे के फूल की खेती से अपनी आर्थिक स्थिति बेहतर बनाएंगे साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फ़ॉर लोकल के सपने को भी धरातल पर उतारेंगे। जिले के किसानों ने अपनी तकदीर अब गेंदा फूल की खेती के जरिये बदलने का संकल्प लिया है। किसानों के इस काम में उनकी मदद उद्यानिकी विभाग द्वारा की जा रही है। किसानों द्वारा बड़े पैमाने पर की जाने वाली इस खेती को लेकर पहली बार एक हजार किसानों को गेंद के पौधे दिए हैं। विभाग द्वारा दिए गए बीज से किसानों ने पौधे तैयार कर इसे खेतों में लगा दिए हैं।

आने वाले दिनों में किसान फूल को बेच कर किसान अच्छी आय अर्जित कर सकेंगे। त्योहारी सीजन में फूलों की अच्छी खासी डिमांड रहती है। गेंदे के फूल सबसे ज्यादा खरीदे जाते हैं। जिले में अब तक में जरूरत के मुताबिक यहां फूलों का उत्पादन नहीं होता है। लिहाजा विभाग ने किसानों को फूलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने का फैसला किया और इसमें अब तक कामयाब भी रहे हैं। बाजार में त्योहारी सीजन में गेंदे के फूल प्रति किलो 120-150 रुपए तक बिकते हैं। जबकि सामान्य दिनों में 50-80 रुपए किलो कीमत रहती है।

उद्यानिकी विभाग के उपसंचालक अजय कुशवाहा ने बताया कि एग्रो के माध्यम से यह पौधे मिले था । फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए इसे किसानों को प्रदर्शन योजना के तहत दिया गया है। इस योजना पर करीब 40 लाख रूपए खर्च हुए हैं। गौरतलब है अब तक बस्तर जिले में अधिक त्यौहार पर व्यापारी हैदराबाद से लेकर कोलकाता से गेंद के फूल मंगाकर बेचते हैं। जिसमें इस साल बड़े पैमाने पर कमी आएगी।

दशहरा से दीवाली और छठ पूजा में होगी कमाई

किसानों के फूलों की खेती में मदद करने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों का मानना है कि बस्तर दशहरा, दीपावली और छठ के साथ शादियों में गेंदा फूल की भारी डिमांड रहती है। ऐसे में बस्तर के किसान डिमांड पूरी कर सकेंगे और वोकल फ़ॉर लोकल के सपने को भी सार्थक करेंगे।

गेंदे की खेती है फायदेमंद, सब्जियों की फसलों को करते हैं सुरक्षित

गेंदे का फूल बस्तर के किसानों को दो तरह से लाभ देता है। एक ओर जहां किसान इसकी खेती अपनी आय को बढ़ा सकते हैं तो वहीं दूसरी ओर यह सब्जियों में लगने वाले रोगों को नियंत्रित करता है।

उद्यानिकी कालेज के वैज्ञानिक के पी सिंह ने कहा कि गेंदे की खेती किसानों के लिए काफी फायदेमंद है। किसान इसका दोहरा लाभ ले सकते हैं। ये कीट जमीन में पैदा होकर उस पौधों की जड़ों में घुस जाते हैं और पौधे को सुखा देते हैं लेकिन इसके पहले गेंद में पाए जाने रसायन अल्फा तीर्थनाइल जड़ों के जरिए पौधे तक पहुंच जाता है और नमोनेट को पौधे के अंदर प्रवेश नहीं करने देता। इससे पौधे का विकास और फल उम्मीद के मुताबिक लगते हैं। जिसका फायदा किसानों को मिलता है।

क्या कहते हैं किसान

  • बकावंड ब्लाक के ग्राम तारापुर की रहने वाली किसान नारो ने कहा कि गेंदे की फायदे को देखते हुए उसने इस साल अपनी बाड़ी में गेंदा लगाने की योजना बनाई थी। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों द्वारा दिए गए बीज को लेकर उसने पौधे तैयार किए। अब इन्हें खेतों में लगाया है। उम्मीद है कि 25 सितंबर के बाद इसमें फूल निकलने लगेगा।
  • बकावंड के कामेंद्र ने कहा कि उन्होंने ने भी गेंदे की खेती करने की योजना बनाई थी। इसमें उनकी मदद उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने की। नवरात्र दशहरा और दीपावली पर फूल बेचकर अच्छी कमाई कर सकेंगे।​​​​​​​
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