अंतागढ़ को जिला बनाने 21 दिन से आंदोलन:दर्जनों गांव के सैकड़ों ग्रामीण कर रहे प्रदर्शन, 15 सालों से मांग, पर 15 अगस्त को मुख्यमंत्री की घोषणा में नहीं होने पर भड़का गुस्सा

जगदलपुर3 महीने पहले
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अंतागढ़ को जिला बनाने के लिए ग्रामीण पिछले 21 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। - Dainik Bhaskar
अंतागढ़ को जिला बनाने के लिए ग्रामीण पिछले 21 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अंतागढ़ में इन दिनों माहौल काफी गरमाया हुआ है। अंतागढ़ को जिला बनाने के लिए ग्रामीण पिछले 21 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। रोजाना विशाल रैली निकल रही है, सभाएं भी हो रही है। लेकिन अब तक क्षेत्रीय विधायक समेत किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति ने आंदोलनरत ग्रामीणों की सुध नहीं ली है। 15 अगस्त को CM भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में तीन नए जिलों की घोषणा की थी। जिसमें अंतागढ़ का नाम नहीं था। इस घोषणा के बाद से ही ग्रामीण काफी आक्रोशित हैं।

अंतागढ़ तहसील को जिला बनाने की मांग पिछले 15 सालों से चल रही है।
अंतागढ़ तहसील को जिला बनाने की मांग पिछले 15 सालों से चल रही है।

दरअसल, अंतागढ़ तहसील को जिला बनाने की मांग पिछले 15 सालों से चल रही है। लंबे समय के बाद कई पंचायतों के लोग सड़कों पर उतर आए हैं। आमाबेड़ा इलाके के ग्रामीण भी लंबे समय से धरने में बैठे हुए हैं। अंतागढ़ के स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि, भौगोलिक रूप से अंतागढ़ कांकेर जिले के सभी इलाकों की तुलना में मध्य में स्थित है। यदि इसे जिला बनाया जाता है तो इसका फायदा भानुप्रतापपुर, कोयलीबेड़ा, पखांजुर, रावघाट समेत आस-पास के क्षेत्र के लोगों को भी मिलेगा।

विधायक के प्रति फूट रहा लोगों का गुस्सा
इलाके के लोगों का कहना है कि, एक तरफ जहां अंतागढ़ को जिला बनाने के लिए पिछले 21 दिनों से क्षेत्र के लोग आंदोलनरत हैं, तो वहीं दूसरी तरफ क्षेत्रीय विधायक अनूप नाग आज तक आंदोलन स्थल नहीं पहुंचे हैं। सरकार में होने के बाद भी वे हमारी उपेक्षा कर रहे हैं। आंदोलनरत एक भी ग्रामीण को उन्होंने अब तक CM से नहीं मिलवाया है और न ही आंदोलन की जानकारी दी गई है। हालांकि इस सम्बंध में भास्कर ने विधायक अनूप नाग का पक्ष जानने फोन किया था। लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

लेकिन अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग को लेकर हर दिन 2 गांव के सैकड़ों ग्रामीण पहुंच रहे हैं।
लेकिन अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग को लेकर हर दिन 2 गांव के सैकड़ों ग्रामीण पहुंच रहे हैं।

हर दिन 2 गांव के लोग पहुंच रहे आंदोलन करने
अंतागढ़ तहसील के कई गांव ऐसे हैं जो बीहड़ों में बसे हुए हैं। जहां तक पहुंचने न तो सड़क है और न ही नेटवर्क की कोई सुविधा। लेकिन अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग को लेकर हर दिन 2 गांव के सैकड़ों ग्रामीण पहुंच रहे हैं। धरना प्रदर्शन के साथ विशाल रैली भी निकाली जा रही है। कई गांव के सरपंच सहित अन्य जनप्रतिनिधि तो अंतागढ़ में ही डेरा जमाए बैठे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि, जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी इसी तरह आंदोलन चलता रहेगा।

जिला बनने से 60 से ज्यादा गांव के लोगों को मिलेगा फायदा
यदि अंतागढ़ को जिला बनाया जाता है तो केवल इसी तहसील के 60 से ज्यादा गांव के ग्रामीणों को फायदा मिलेगा। इसके अलावा आसपास की तहसील के लोगों की भी समस्या दूर होगी। अंतागढ़ तहसील के कई गांव ऐसे हैं जहां आज तक विकास नहीं पहुंचा है। मूलभूत सुविधाओं को इलाके के लोग मोहताज हैं। प्रशासन तक अपनी समस्या पहुंचाने ग्रामीणों को आने-जाने में लगभग 250 से 300 किमी का सफर तय करना पड़ जाता है। क्योंकि जिला मुख्यालय से कई गांवों की दूरी 150 से ज्यादा है। यही वजह है कि ग्रामीण पिछले कई दिनों से अपनी मांग पूरी करने अड़े हुए हैं।

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