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मरने से पहले बताया कि कई नक्सली संक्रमित:अस्पताल में भर्ती संक्रमित नक्सली प्रवक्ता की मौत, इलाज कराने गया 25 लाख का इनामी हुआ था गिरफ्तार

जगदलपुर12 दिन पहले
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तेलंगाना पुलिस की गिरफ्त में आए बड़े नक्सली लीडर सोबराय की मौत इलाज के दौरान हो गई है। सोबराय कोरोना पॉजिटिव था और बीमार चल रहा था। उसे एक जून को तेलंगाना पुलिस ने पकड़ा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद से उसे हॉस्पिटल में ही रखा गया था। इसके बाद उसने इलाज के दौरान शनिवार की देर रात दम तोड़ दिया है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने उसकी मौत की पुष्टि कर दी है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार तेलंगाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के बाद बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद रेफर किया था और पिछले 5 दिनों से उसका इलाज वहीं चल रहा था। इसी दौरान उसने दम तोड़ दिया है। गौरतलब है कि इससे पहले 27 मई को कोरसा आयतु उर्फ गंगाल की कोरोना से मौत हो गई थी। उसे इलाज के लिए खम्मम के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था हालांकि नक्सलियों ने इसके बाद पर्चा जारी कर इस बात का खंडन किया था कि गंगाल उर्फ कोरसा आयतु की मौत कोरोना से नहीं हुई है जबकि पुलिस ने सुकमा में परिजन की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कर दिया था।

कम्युनिकेशन विंग का चीफ था सोबराय
सोबराय उर्फ गडम मधुकर नक्सलियों के कम्युनिकेशन विंग का चीफ था। वह दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सीनियर लीडर भी था। नक्सलियों के दक्षिण सब जोनल ब्यूरो के कम्युनिकेशन टीम का चीफ सोबराय कोरोना से पीड़ित था। वह इलाज कराने तेलंगाना के वारंगल पहुंचा था जहां वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि इन पांच दिनों में सोबराय ने पुलिस को बताया है कि कट्टम सुदर्शन ऊर्फ आनंद, थिपिरी तिरुपति ऊर्फ चेतन, यापा नारायण ऊर्फ हरि भूषण, कट्टा रामचंद्र रेड्डी ऊर्फ विकल्प भी कोरोना से पीड़ित हैं। देवेंद्र रेड्डी, मुचाकी उंगल उर्फ सुधाकर, कोडी मंजूला उर्फ निर्मला, पुसम पद्मा और ककरला सुनीता भी संक्रमित हैं।

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